राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उड़ी हमले के बाद पीओके से दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इन युवकों पर आरोप है कि इन्होंने ही उड़ी में हमला करने वाले आतंकियों को गाइड किया था। अब इस मामले में एनआईए ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जांच एजेंसी ने युवाओं के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाने के कारण जांच की रिपोर्ट बंद करने का फैसला किया है।
खबर के मुताबिक दो पाकिस्तानी युवक फैजल हुसैन अवान और अहसान खुर्शीद को 'दोस्ताना' कोशिश के तहत वापस पाकिस्तान भेजा जा सकता है। दरअसल पिछले साल उड़ी हमले के बाद भारतीय सैनिक चंदू च्वहाण पाकिस्तान सीमा में गलती से चला गया था। हालांकि 'दोस्ताना' कोशिश के तहत चंदू की इस साल सुरक्षित घर वापसी हो सकी। इसी के तहत भारत पर भी दबाव है कि वह पाकिस्तान के इन दोनों युवकों को वापस घर भेजे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ज्वाइंट टीम दोनों युवाओं के खिलाफ भारतीय सेना को दिए बयान के अलावा और कोई पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई है। गौरतलब है कि 18 सितंबर को उड़ी में हुए आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान मारे गए थे। जिसके बाद 21 सितंबर को भारतीय सेना ने पीओके से दो युवकों को गिरफ्तार किया था। हालांकि अब इन्हें छोड़ने की तैयारी है।