उर्वरक की कमी के मुद्दे पर शनिवार को ओडिशा विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा हुआ। बीजद विधायक बैनर और तख्तियां लेकर वेल में आ गए। विधायकों ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उर्वरक संकट और किसानों के मुद्दे पर पूर्ण चर्चा की मांग की। इस दौरान स्पीकर ने विधायकों से शांत रहने के लिए कहा। बाद में स्पीकर ने सदन की कार्यवाही चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन में पूर्व विधायक जॉर्ज तिर्की को श्रद्धांजलि दी गई। उनका शुक्रवार रात निधन हो गया था। इसके बाद बीजद विधायकों ने उर्वरक की कमी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने किसानों की परेशानी के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
बीजद सदस्यों ने मांग की कि अध्यक्ष प्रश्नकाल सहित सदन की सारी कार्यवाही रद्द करें और राज्य में कथित उर्वरक की कमी पर विस्तृत चर्चा कराएं। उन्होंने कहा कि उर्वरक की कमी कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण है।
सदन के बाहर भाजपा विधायक इराशीष आचार्य ने कार्यवाही में व्यवधान के लिए विपक्षी बीजद और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा विधायक ने दावा किया कि जब बीजद विधायक सदन के वेल में धरना दे रहे थे, तब कांग्रेस सदस्य अपनी सीटों पर खड़े थे। विपक्षी दल सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहते। अध्यक्ष ने उर्वरक मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस का नोटिस पहले ही स्वीकार कर लिया है, लेकिन बीजद ने इसे अस्वीकार कर दिया है।
विधानसभा में बीजद के उपनेता प्रसन्ना आचार्य ने कहा कि पार्टी किसानों की समस्याओं पर पूर्ण चर्चा की मांग कर रही है। क्योंकि उर्वरक न मिलने के कारण वे सड़कों पर बैठे हैं। भाजपा सरकार पर्याप्त उर्वरक की आपूर्ति करने में विफल रही है।
पूर्व विधायक जॉर्ज तिर्की को किया नमन
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पूर्व विधायक जॉर्ज तिर्की को याद किया। माझी ने कहा कि मैं 2000 में विधानसभा के लिए चुना गया था, जब जॉर्ज तिर्की भी बीरमित्रपुर से विधायक चुने गए थे। मैंने उन्हें विधानसभा में आदिवासियों और मजदूरों के मुद्दे उठाते देखा है। मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
बीजद के उपनेता प्रसन्ना आचार्य ने कहा कि तिर्की बीरमित्रपुर के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, जहां से वह निर्दलीय के रूप में भी चार बार विधानसभा के लिए चुने गए। कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने भी तिर्की की सराहना की और उन्हें एक सक्षम आदिवासी नेता बताया।
सीपीआई (एम) सदस्य लक्ष्मण मुंडा ने भी आदिवासियों और मजदूरों के अधिकारों के लिए तिर्की की लड़ाई पर प्रकाश डाला। सदन के सदस्यों ने तिर्की के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा। बाद में तिर्की के पार्थिव शरीर को विधानसभा परिसर में लाया गया। जहां सरकार ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव और पार्वती परिदा, मंत्रियों और विधायकों ने त्रिर्की को पुष्पांजलि अर्पित की।