मणिपुर में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को पहले अपडेट करने की मांग को लेकर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के बीच इंफाल वेस्ट जिले में जनगणना 2027 के लिए एन्यूमरेटर और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम कानून-व्यवस्था की स्थिति के चलते स्थगित कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने आम हड़ताल, रैलियों और सरकारी दफ्तरों के बहिष्कार का एलान किया है, जबकि सरकार ने राज्य के शिक्षण संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद रखने की घोषणा की है।
'जनगणना से पहले एनआरसी लागू करे सरकार'
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हमने राज्य सरकार से अपील की थी कि जनगणना न कराई जाए, क्योंकि राज्य के हालात ठीक नहीं हैं। सरकार ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि कुछ विधायक केंद्र से मुलाकात करेंगे, लेकिन काम इस तरह नहीं होता। हमें जनगणना से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पहले एनआरसी लागू होना चाहिए और बाहरी लोगों को बाहर निकाला जाना चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना है।'
कानून-व्यवस्था के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम टला
एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मणिपुर सरकार ने एनआरसी की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच इंफाल वेस्ट जिले में जनगणना 2027 के तहत एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर के लिए होने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 अगस्त से शुरू होना था। अधिकारी ने जनगणना संचालन निदेशालय के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी को भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा,'जिले में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए 28 अगस्त, 2026 से शुरू होने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।' यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए नियुक्त एन्यूमरेटर और सुपरवाइजरों के लिए आयोजित किया जाना था।
शिक्षकों को भी मुश्किलों का सामना
काउंसिल ऑफ टीचर्स एसोसिएशन्स, मणिपुर ने कहा कि जनगणना के लिए एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर के तौर पर नियुक्त शिक्षकों को प्रशिक्षण सत्र में शामिल होने के दौरान शर्मिंदगी, अपमान और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
48 घंटे की आम हड़ताल के दूसरे दिन प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को राजनेताओं के पुतले जलाए और मणिपुर के घाटी वाले जिलों के अलग-अलग हिस्सों में रैलियां निकालीं। यह ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन’ (JFD) की ओर से बुलाई गई 48 घंटे की आम हड़ताल का दूसरा दिन था। प्रदर्शनकारी राज्य में जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले NRC को अपडेट करने की मांग कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें:
वंदे मातरम के दो पद ही गाएगी कांग्रेस: पार्टी ने दोहराया 1937 का फैसला; अय्यर ने सरकार को बताया मुसलमान विरोधी
सरकारी दफ्तरों के बहिष्कार का एलान
JFD ने अपने जारी आंदोलन के तहत गुरुवार से सभी सरकारी दफ्तरों के बहिष्कार का भी एलान किया है। इस बीच, मणिपुर सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थान 20 अगस्त से तीन दिनों तक बंद रहेंगे। सरकार ने इसके पीछे “मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति” को कारण बताया है।