असम विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। सत्तारूढ़ भाजपा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा ने सदन के बाहर उपसभापति नुमल मोमिन पर हमला किया। इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने भाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी के अपशब्द कहने के मुद्दे पर हंगामा किया। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने सत्तारूढ़ भाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी के विरोध में काले कपड़े पहनकर भाग लिया। साथ ही स्पीकर के कमरे के बाहर धरना दिया।
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वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रश्नकाल के बीच में कहा कि मुझे मोमिन से एक व्हाट्सएप संदेश मिला कि उन पर नूरुल हुदा ने हमला किया है और वह अब अस्पताल में भर्ती हैं। मैं अध्यक्ष से अनुरोध करता हूं कि वे पुलिस मामला दर्ज करें क्योंकि यह सदन के बाहर हुआ और फिर पुलिस इसकी जांच करेगी। हालांकि इससे कुछ देर पहले मोमिन को सदन के अंदर बैठे देखा गया और उन्होंने सत्र में भाग लिया। कुछ समय बाद वह सदन से चले गए थे। अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से मामले की जांच करने को कहा है।
मामले में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने पुलिस केस दर्ज करने के बजाय मामले की जांच के लिए सदन की समिति से मांग की। उन्होंने कहा कि घटना विधानसभा भवन के अंदर हुई थी। इसके बाद कांग्रेस, एआईयूडीएफ और सीपीआई(एम) के विधायकों ने सदन के वेल में जाकर कुर्मी और मोमिन पर कथित हमले को लेकर भाजपा के जवाब का विरोध किया।
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इस पर सीएम सरमा के नेतृत्व में सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी नारेबाजी की। भाजपा विधायकों ने कहा कि मोमिन एक आदिवासी हैं। उन पर विपक्ष ने हमला किया था। सीएम ने कहा कि यह गलत मिसाल कायम करेगा कि विधानसभा परिसर के अंदर एक स्वदेशी आदिवासी पर हमला किया गया है। यह एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। जब दोनों पक्ष शांत न हुए तो अध्यक्ष दैमारी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा सचिव से मोमिन की स्थिति की जांच करने को कहा है और सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया है।
कांग्रेस ने लगाए आरोप
कांग्रेस और एआईयूडीएफ विधायकों ने सत्तारूढ़ भाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विधानसभा भवन में अध्यक्ष के कक्ष के बाहर धरना दिया। एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा कि एक भाजपा विधायक विपक्षी विधायक पर हमला करने के लिए अपनी सीट से भागा। अध्यक्ष हमें कोई सुरक्षा प्रदान नहीं कर रहे हैं, इसलिए हम आत्मरक्षा के लिए बांस की ढाल लेकर आए हैं। हम इस ढाल को संसद के अंदर ले जाने की कोशिश करेंगे।
कांग्रेस नेता देवव्रत सैकिया ने कहा कि आज का विरोध असम विधानसभा में शुक्रवार को हुई घटना के खिलाफ है। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक विपक्षी विधायकों पर हमला करने के लिए दौड़े। हमने उस अनियंत्रित विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार जब कोई उनके भाषण में बाधा डालेगा तो वह दस गुना अधिक आक्रामक हो जाएंगे।