राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो अलग-अलग मामले में आरोपपत्र दाखिल किए हैं। पहला केरल ट्रेन आगजनी मामले में, दूसरा नरेश सिंह भोक्ता नाम के एक नागरिक की नृशंस हत्या से जुड़े बिहार मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
दो अप्रैल को लगाई थी ट्रेन में आग
केरल ट्रेन आगजनी के मामले में एनआईए ने एकमात्र आरोपी शाहरुख सैफी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। गौरतलब है कि बीती दो अप्रैल को अलप्पुझा-कन्नूर एक्सप्रेस में कोझिकोड के एलाथुर इलाके में शाहरुख सैफी नामक व्यक्ति ने ट्रेन की बोगी में आग लगा दी थी। इस घटना में नौ लोग घायल हुए थे, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई थी।
मरने वाले लोगों के शव रेलवे ट्रैक पर मिले थे और इनमें एक बच्चा भी शामिल था। पुलिस का मानना है कि जब आरोपी ने ट्रेन की बोगी में आग लगाई तो तीन लोग बचने के चक्कर में ट्रेन से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने आरोपी शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी दिल्ली का निवासी है। हाल ही में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।
भाकपा-माओवादी के चार नेताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल
इधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार में पांच वर्ष पहले एक व्यक्ति की हुई नृशंस हत्या मामले में प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के चार शीर्ष नेताओं के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपियों को पटना स्थित एनआईए की विशेष अदालत में आईपीसी के संबद्ध प्रावधानों, शस्त्र अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपित किया गया है। इनकी पहचान झारखंड के राम प्रसाद यादव, अभिजीत यादव, अभ्यास भुइयां उर्फ प्रेम भुइयां और बिहार के सूबेदार यादव के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि वे सभी प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ नेता हैं। राम प्रसाद यादव ‘सब-जोनल’ कमांडर, अभिजीत यादव और सूबेदार यादव ‘जोनल कमांडर’ है, जबकि अभ्यास भुइयां संगठन का क्षेत्रीय कमांडर है।