समाचार एजेंसी एएनआई से चर्चा में अमिताभ कांत ने कहा, 'हम छोटे राज्यों, बड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अलग-अलग रैंकिंग करते हैं। यूपी ने पिछले दो सालों में सबसे अच्छा सुधार कर के दिखाया है। इसलिए इंडेक्स की सुधार वाली रैंकिंग में यूपी नंबर एक है।
नीति आयोग द्वारा सोमवार को जारी हेल्थ इंडेक्स को देखने पर पता चलता है कि यूपी के स्वास्थ्य तंत्र में भी बड़ा सुधार आया है। यूपी उन बड़े राज्यों में शीर्ष पर है, जिनके स्वास्थ्य तंत्र में सुधार आया है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भी खुद कहा है कि बीते दो तीन सालों में यूपी का स्वास्थ्य तंत्र सुधरा है।
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समाचार एजेंसी एएनआई से चर्चा में अमिताभ कांत ने कहा, 'हम छोटे राज्यों, बड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अलग-अलग रैंकिंग करते हैं। यूपी ने पिछले दो सालों में सबसे अच्छा सुधार कर के दिखाया है। इसलिए इंडेक्स की सुधार वाली रैंकिंग में यूपी नंबर एक है। असम दूसरे और तेलंगाना तीसरे स्थान पर है।
छोटे राज्यों में मिजोरम व मेघालय आगे रहे
सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि छोटे राज्यों के स्वास्थ्य तंत्र में सुधार के मामले में मिजोरम और मेघालय अग्रणी रहे। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली और जम्मू और कश्मीर आगे हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में बड़ी छलांग दिखाई है।
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यूपी ने सभी मानकों पर सुधार किया
यूपी ने सभी स्वास्थ्य मानकों जैसे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, लिंगानुपात, बर्थ गवर्नेंस जैसे मुद्दों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में सबसे बड़ा सुधार किया है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश को बधाई देना चाहते हैं, जिसने पिछले 2-3 सालों में राज्य स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार किया है।
स्कोर के आधार पर केरल व तमिलनाडु शीर्ष पर
2019-20 के राज्य स्वास्थ्य सूचकांक के स्कोर के अनुसार बड़े राज्यों में केरल और तमिलनाडु शीर्ष पर रहे, जबकि छोटे राज्यों में मिजोरम व त्रिपुरा शीर्ष पर थे। वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में दादर—नगर हवेली, दमन और दीव अग्रणी रहे।