विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों को जो चाय पिलाएंगे, उसके दाम तय होंगे। ऐसा ही नाश्ते और खाने के साथ होगा। चाय की कीमत 10 रुपये प्रति कप होगी। नाश्ता 12 रुपये का होगा तो प्रति व्यक्ति खाना सौ रुपये थाली होगा।
प्रत्याशी इससे कम कीमत की चाय, नाश्ता या खाना नहीं खिला सकेंगे, क्योंकि यह रकम चुनाव आयोग ने तय की है। इसके साथ पंडाल, कुर्सी, मेज, पोस्टर, पंफलेट आदि चुनाव से जुड़ी करीब 150 चीजों की कीमतें तय की गई हैं।
इस बार के चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख रुपये तय की गई है। हालांकि प्रत्याशी इससे कई गुना अधिक रकम खर्च करते हैं। बड़े-बड़े पंडाल और लाउडस्पीकर लगाकर सभाएं होती हैं। लंच, डिनर में लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन चुनाव खर्च के ब्योरे में हर चीज की कीमत काफी कम दर्शाई जाती है। इस तरह के घालमेल पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है।
आयोग के फैसले से प्रत्याशियों को लगा तगड़ा झटका
चुनाव आयोग ने पहली बार स्टैंडर्ड कॉस्टिंग मैथड लागू कर दिया है। इसके तहत चाय, नाश्ता, खाना, लाउस्पीकर, पंडाल, कुर्सी, पोस्टर, पंफलेट समेत अन्य तरह की स्टेशनरी समेत करीब 150 तरह की चीजों के लिए अलग-अलग कीमत में तय की गई हैं। आयोग का मानना है कि इससे हर उम्मीदवार का खर्च स्टैंडर्ड होगा और उनकी मनमानी नहीं चल सकेगी।
पारिवारिक सदस्य के साथ नहीं खुलेगा संयुक्त खाता
चुनाव आयोग ने उम्मीदवार को एक झटका और दे दिया है। उम्मीदवार को नामांकन के दिन ही बैंक में खाता खोलना होगा। यह संयुक्त खाता होगा। उम्मीदवार अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम खाता नहीं खोल सकेंगे, बल्कि प्रस्तावक के साथ संयुक्त खाता होगा।
उसी खाते से सभी तरह के चुनावी खर्चों का भुगतान होगा। 20 हजार रुपये से अधिक का भुगतान जिस किसी को भी किया जाएगा, उम्मीदवार को उसका पैन भी लेना होगा। इससे कम नगद भुगतान की स्थिति में बिल, बाउचर आदि भी रिकार्ड में लगाना होगा।