आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही तैयारियों में यूपी पुलिस ने भी उन लोगों की लिस्ट बनाई है जिन पर दंगा-फसाद कराने का शक है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की लिस्ट में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और समाजवादी पार्टी नेता आजम खान का नाम भी सक्षम दंगा-फसाद कराने वाले लोगों में शामिल है। अमित शाह और आजम खान के नाम यूपी की शामली पुलिस ने लिस्ट में जोड़े है। पुलिस ने यह लिस्ट चुनाव आयोग के द्वारा मिले आदेश के बाद तैयार की है। चुनाव आयोग ने पुलिस कहा था कि उन लोगों की लिस्ट बनाए जिनके खिलाफ 2012 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव, 2014 में हुए लोकसभा चुनाव और 2015 में अन्य राज्यों में हुए चुनाव के दौरान दंगा-फसाद फैलाने या ऐसा माहौल बनाने के आरोप में मुकदमे चल रहे हैं।
अमित शाह और आजम खान के अलावा जिन बड़े नेताओं के नाम पुलिस की लिस्ट में शामिल हैं, वे हैं- कैराना से समाजवादी पार्टी के विधायक नाहिद हसन, इसी इलाके से कांग्रेस के पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, एमएलसी वीरेंद्र सिंह और राष्ट्रीय लोक दल के करतार सिंह भडाना। लिस्ट में कुल 46 नाम हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता है, इसलिए ऐसे नेताओं को चिन्हित किया जा रहा है जो चुनावी रैलियों में भड़काऊ भाषण देने के लिए जाने जाते हैं। पुलिस ने तैयार की गई लिस्ट चुनाव आयोग को भेज भी दी है।
अब भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं की खैर नहीं
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2014 चुनावों के दौरान अमित शाह के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के सेक्शन 125 के तहत (वर्गों के बीच दुश्मनी फैलाना) मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की कैद हो सकती है, या कैद और जुर्माना दोनों हो सकता है।
उसी दौरान आजम खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (धर्म, जाति, जन्म, निवास, भाषा के स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 295ए ( जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धर्म का अपमान करने और धार्मिक भावनाओं में आक्रोश भरने का इरादा) और 505 (सार्वजनिक तौर पर विवादित बयान देना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
समाजवादी पार्टी के नेता नाहिद के खिलाफ भी 2014 चुनावों के दौरान कई मामले दर्ज किए गए थे। दो मामलों में पुलिस ने नाहिद के खिलाफ चालान काटे थे, जबकि एक मामले में उनके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। करतार सिंह के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए थे।