रेलवे भर्ती बोर्ड की सहायक लोको पायलट व तकनीशियन पदों के लिए सबसे अधिक आवेदक उत्तर प्रदेश के है। 26502 पदों के लिए उत्तर प्रदेश से 9.5 लाख आवेदन रेलवे को मिले है।
बिहार की बात करें तो इस राज्य से कुल 9 लाख आवेदन रेलवे को मिला है। राजस्थान की बात करें तो यहां से 4.5 लाख आवेदन इन पदों के लिए आया है। इससे यह भी साफ हो रहा है कि इन प्रदेशों में बोरोजगारी का आलम कितना है।
रेलवे ने उस आरोप को खारिज किया है जिसमें कहा गया है आवेदकों का परीक्षा केंद्र उनके गृह राज्य से काफी दूर दिया गया है। रेल मंत्रालय ने रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र संबंधी शिकायतों के कारण गिनवाए है।
रेलवे का कहना है कि उत्तर प्रदेश, बिहार व राजस्थान में सीसीटीवी, फ्रिस्किंग, मेटल डिटेक्टर की सुविधा वाले परीक्षा केंद्रों की संख्या काफी कम है। रेलवे ने इंस्टीट्यूट में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया है, इस कारण कई आवेदकों का परीक्षा केंद्र दूर दिया गया है।
इस परीक्षा के लिए 47 लाख से अधिक अभ्यार्थियों ने आवेदन किया है। इनमें करीब 34 लाख यानी 71 प्रतिशत आवेदकों को दो सौ किलोमीटर के अंदर ही परीक्षा केंद्र दिया गया है। 99 प्रतिशत दिव्यांगों व महिलाओं को 200 किलोमीटर के अंदर परीक्षा केंद्र दिया गया है।
इसी तरह पांच सौ किलोमीटर के अंदर करीब 83 प्रतिशत यानी 40 लाख आवेदकों का परीक्षा केंद्र दिया गया है। महज 17 प्रतिशत आवेदकों को ही पांच सौ किलोमीटर से दूर परीक्षा केंद्र दिया गया है।
यह भी बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार व राजस्थान के आवेदकों ने शुरुआत में जो आवेदन किया उन्हें निकट का परीक्षा केंद्र व बाद में आवेदन करने वालों को दूर के केंद्र आवंटित किया गया है। बिहार के लिए रिक्तियों की कुल संख्या 2292 है।