केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तर प्रदेश के मंत्रियों के कोटे के मंत्रियों की संख्या 15 से घट कर 13 हो जाएगी। भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां इस सूबे से 4 मंत्रियों की विदाई का मन बनाया है, वहीं इसके बदले इस सूबे के दो नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल करने की तैयारी कर रहे हैं।
राजग में नए दलों के प्रवेश और चुनावी राज्यों में सियासी समीकरण साधने की मजबूरी केतहत उत्तर प्रदेश के मंत्रियों की संख्या में कटौती का फैसला हुआ है। हालांकि बिहार में भी भाजपा कोटे के मंत्रियों की संख्या घटेगी, मगर इस सूबे की भरपाई राजग के नए साथी जदयू के दो मंत्रियों से हो जाएगी। गौरतलब है कि विस्तार से पहले जल संसाधन मंत्री उमा भारती, राज्य मंत्री संजीव बालियान, लघु-मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र और महेंद्र नाथ पांडे ने पार्टी नेतृत्व को मंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया है।
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इस बीच इस सूबे से दो सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सहमति बनी है। चूंकि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री सहित कई अहम मंत्री इसी सूबे का प्रतिनिधित्व करते हैं और पार्टी ने इसी सूबे के रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया है। ऐसे में पार्टी का मानना है कि मंत्रियों की संख्या में कटौती का असर इस सूबे पर नहीं पड़ेगा। चूंकि हटाने जाने वाले मंत्रियों से से एक कलराज को राज्यपाल बनाया जाएगा, जबकि महेंद्र को पहले ही राज्य संगठन की कमान दी जा चुकी है। ऐसे में इस कटौती का नकारात्मक राजनीतिक संदेश नहीं जाएगा।
इस बीच बिहार के भाजपा कोटे की भी मंत्रियों की कटौती होगी, मगर यह सूबा इसकी भरपाई जदयू कोटे से कर लेगा। इस सूबे से कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, गिरिराज सिंह को हटाए जाने की चर्चा है तो राजीव प्रताप रूडी इस्तीफा सौंप चुकेहैं। जबकि जदयू को विस्तार में दो मंत्रालय मिलना तय है। इसकेअलावा भाजपा सांसद अश्विनी चौबे को कैबिनेट में जगह दिए जाने पर माथापच्ची हो रही है। ऐसे में बिहार के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।