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West Bengal: 'अगर बदमाशी की तो करेंगे कायदे से इलाज', यूपी के इनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने TMC नेता को दी चेतावनी

Tue, 28 Apr 2026 12:02 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा का एक वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कथित तौर पर टीएमसी नेता के समर्थकों को सख्त चेतावनी दी। इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और निष्पक्ष चुनाव पर बहस तेज हो गई।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव - फोटो : X/@amitmalviya
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण के मतदान 29 अप्रैल को होना है। इससे पहले उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की दक्षिण 24 परगना में चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्ति ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह विवाद तब और गहरा गया जब अजय पाल शर्मा को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता जहांगीर खान के बारे में पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए देखा गया, जिनके समर्थकों पर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को धमकाने का आरोप है।
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एक वायरल वीडियो में अजय पाल शर्मा को पुलिस अधिकारियों और आसपास के नागरिकों से कहते हुए सुना गया, "इलाके में हर कोई साफ तरीके से समझ ले कि अगर किसी ने बदमाशी की, तो उसका कायदे से इलाज किया जाएगा। अगर हमें किसी के भी बारे में जानकारी मिलती है, जिसने खुराफात करने या किसी को परेशान करने की कोशिश की है, तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।"

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वीडियो में क्या-क्या बोले इनकाउंटर स्पेशलिस्ट शर्मा?
वीडियो में अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान के परिवार के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, "उसे बता देना कायदे से। बार-बार ऐसी खबरें आई हैं कि उसके सहयोगी लोगों को धमकी दे रहे हैं - हम इससे सख्ती से निपटेंगे। फिर बाद में रोना-पछताना मत।" चुनाव ड्यूटी पर तैनात आईपीएस अधिकारी ने मतदाताओं को कथित तौर पर डराने-धमकाने के आरोप में टीएमसी उम्मीदवार को कड़ी चेतावनी दी।


भाजपा ने किया आईपीएस अधिकारी का बचाव
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने शर्मा का बचाव करते एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यूपी पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और सिंघम अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना के पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। उन्होंने अभी-अभी भाईपो के गुर्गे जहांगीर खान के परिवार के सदस्यों को चेतावनी दी है। कोई भी इस चुनाव को 50 वर्षों में सबसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बनने से नहीं रोक सकता और जो भी ज्यादा होशियार बनने की हिम्मत करेगा, उसे सबक सिखाया जाएगा।"

वहीं, भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, "उन्होंने (शर्मा ने) अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी जहांगीर खान के परिवार के सदस्यों को कड़ी चेतावनी देते हुए तुरंत माहौल सेट कर दिया। संदेश स्पष्ट है: धमकियों और मनमानी का युग समाप्त हो गया है।"

टीएमसी बोली- ये बंगाल है यूपी नहीं
टीएमसी नेता रिजू दत्ता ने शर्मा को भ्रष्ट अधिकारी करार दिया और आरोप लगाया कि वह प्रभावशाली नेताओं के घरों का दौरा कर रहे हैं और उनके लोगों को धमका रहे हैं। पार्टी ने शर्मा के पिछले रिकॉर्ड पर भी प्रकाश डाला, जिसमें उन पर कैश-फॉर-पोस्टिंग घोटाले में नाम आने और आपराधिक विश्वासघात, सबूतों के गायब होने और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों का दावा किया गया।
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तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर कहा, "यह वह निष्पक्ष पुलिस पर्यवेक्षक है जिसे चुनाव आयोग बंगाल के लिए चुन रहा है। जाहिर है, भ्रष्ट और आपराधिक ट्रैक रिकॉर्ड अब नौकरी के लिए प्राथमिक योग्यता बन गया है।" पार्टी ने शर्मा को अपने हाथ में मामले लेने के खिलाफ चेतावनी भी दी, यह कहते हुए कि बंगाल उत्तर प्रदेश नहीं है। यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी माहौल में एक नई गरमाहट ला गया है, जहां पर्यवेक्षकों की भूमिका और निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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