फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी चुनाव: SC ने दो सीटों पर रोक लगाने से किया इनकार

Thu, 09 Feb 2017 07:19 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के ओबरा और दुद्धी विधानसभा सीटों पर चुनाव होने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव पर रोक लगाने से इनकार किया है। सातवें चरण में इन सीटों पर चुनाव होना है। ये दोनों विधानसभा पहले अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित थीं लेकिन चुनाव आयोग ने इन दोनों ही सीटों को अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


आयोग के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति अभय मोहन सप्रे की अध्यक्षता वाली पीठ ने भारत के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से सलाह के बाद सातवें चरण के लिए गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा जारी की जाने वाली अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि पीठ ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कर सकता है? पीठ ने कहा कि यह महत्वपूर्ण संवैधानिक मसला है।

सुनवाई के दौरान किसी अन्य मामले की पैरवी के लिए अदालत कक्ष में मौजूद अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से इस मसले पर सलाह मांगी। जिस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लिहाजा मेरी राय है कि इस मामले में फिलहाल अदालत को दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत को अंतरिम आदेश पारित नहीं करना चाहिए। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अगर भविष्य में यह पाया जाता है कि इन दोनों सीटों पर चुनाव संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर नहीं हुए हैं तो बाद में चुनाव को रद्द  किया जा सकता है। यह विकल्प अदालत के पास मौजूद है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस 

पीठ ने अटॉर्नी जनरल से यह पूछा है कि क्या वह चुनाव आयोग को कुछ दिनों के लिए अधिसूचना जारी करने से मना कर सकते हैं। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह उचित नहीं होगा। चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पूर्व में भी कई बार शीर्ष अदालत यह कह चुकी है चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसे दखल नहीं देना चाहिए। अटॉर्नी जनरल के सुझाव को मानते हुए पीठ ने इस मामले का परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

22 मार्च को अगली सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है। मालूम हो कि बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी चुनाव आयोग द्वारा जारी की जाने वाली अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। गुरुवार को याचिकाकर्ता पंकज मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठï वकील आर वेंकटरमणी ने कहा कि वर्ष 2012 तक यह दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी लेकिन बाद में इन दोनों ही सीटों को अनुसूचित जनजाति केलिए आरक्षित करने के लिए सरकार की ओर दो अध्यादेश भी जारी किए गए।

विधेयक भी लाया गया लेकिन वह पारित नहीं हो सका। ऐसे में इन दोनों सीटों को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित बता चुनाव कैसे अधिसूचना जारी कर सकता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें