कौमी एकता दल ने समाजवादी पार्टी में विलय समाप्त होने को धोखेबाजी बताया है और समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी की शुक्रवार को अंसारिया बालिका इंटर कालेज यूसुफपुर में हुई बैठक में विभिन्न जिलों में सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया गया, जिसका सिलसिला 14 जुलाई से शुरू किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने 25 जून को सपा और कौमी एकता दल के विलय का विस्तृत विवरण पेश करते हुए कहा 28 जून को सपा संसदीय बोर्ड ने विलय रद्द कर धोखा दिया है। सपा ने अपने घर में बुलाकर जिस तरह बेइज्जत किया है, उससे सभी दुखी हैं।
इसके बावजूद पार्टी कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगी, जिससे सांप्रदायिक ताकतें मजबूत हों। समान विचारधारा के दलों से गठबंधन करके चुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारेगी।
कुछ इस तरह आगे की रणनीति होगी तैयार
मुख्तार अंसारी
उन्होंने कहा कि इससे पहले पार्टी का पुनर्गठन किया जाएगा। संगठन को मजबूत बनाने के लिए पार्टी के जनाधार वाले 18 जिलों में सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। जिला सम्मेलनों की शुरुआत 14 जुलाई को सुल्तानपुर से होगी। उसके बाद 15 को बलिया, 16 को मुहम्मदाबाद, 17 को मऊ, 18 को आजमगढ़, 19 को वाराणसी, 20 को चंदौली और 23 जुलाई को लखनऊ में सम्मेलन किया जाएगा।
उन्होंने 14 अगस्त को पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। उसके बाद अन्य दलों से बातचीत करके आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतहर जमाल लारी, महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमकला बिंद, ब्लाक प्रमुख रामकृत सिंह यादव और मंसूर अंसारी मौजूद थे।
इसके अलावा वीरेन्द्र यादव, फेंकू सिंह यादव, अजय यादव, बहादुरगंज नपा अध्यक्ष रेयाज अहमद, पूर्व चेयरमैन शमीम अहमद, शारदानंद राय, जफर खां चंदा, गामा राम, शम्भू सिंह अकेला, गोवर्धन सिंह यादव आदि उपस्थित थे। संचालन कौएद के प्रांतीय महासचिव बलिराम पटेल ने किया।