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जाकिर नाइक के खिलाफ दारुल उलूम ने दिया था फतवा

Sat, 09 Jul 2016 04:58 AM IST
शशांक मिश्र/ अमर उजाला, सहारनपुर
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zakir naik
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धार्मिक गुरु डा. जाकिर नाइक के भाषणों से भले ही कुछ लोग गुमराह हो रहे हो, इस धार्मिक प्रवक्ता के बढ़ते कुप्रभाव को भांपते हुए करीब चार साल पहले दारुल उलूम ने फतवा जारी कर दिया था। फतवे में साफतौर पर दारुल इफ्ता ने माना था कि डा. जाकिर नाइक साधारण मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं। इतना ही नहीं भारत में रहने वाले  बड़ी संख्या में  मुस्लिमों को लोगों से खबरदार रहने की  जरूरत बताया था। यहां तक कि दारुल-उलूम देवबंद ने फतवा जारी कर मुसलमानों को  उसे मानने या उसका  अनुयायी होने से मना किया था।
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अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने के बाद से भारत में डा. जाकिर नाइक के धार्मिक भाषणों का वर्चस्व बढ़ना शुरू हुआ था। 2007 में उसने मुंबई में सभा की थी और वहां विवादित बयान देकर मुसलमानों के निशाने पर आ गए थे। पूरे देश में डा. जाकिर नाइक का जबरदस्त विरोध हुआ था। इसके बाद दारुल उलूम ने इस पर फतवा जारी किया था। अक्टूबर 2012 में जारी किए गए फतवे में बताया गया था कि डा. जाकिर नाइक के बारे में तो जानकारी नहीं है।

मगर, इतना मालूम है कि वह गैर मुकलीद्दीन का एजेंट है। अपने भाषणों से वह साधारण मुस्लिमों को गलत रास्ते में ले जा रहा है। दारुल इफ्ता ने इस्लाम में इस तरह के टीवी चैनल के प्रसारण को भी गलत बताया था। आपको बता दें कि हाल ही में बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हमलावरों में से कम दो हमलावर इस्लाम के प्रचारक डा. जाकिर नाइक के अनुयायी बताए गए है।
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कौन है डा. जाकिर नाइक 

zakir naik
डा. जाकिर नाइक धार्मिक उपदेशक या व्याख्याता के रूप में दो दशक से अधिक समय में दुनिया भर में 2000 से ज्यादा ऐसे उपदेश दे चुका है। अपनी बात ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए उसने पीस टीवी नाम से इस्लामी चैनल भी शुरू किया है।

इसका अंग्रेजी चैनल 2006 में, उर्दू चैनल 2009 में और बांग्ला चैनल 2011 में शुरू हुआ। इन चैनलों का दावा है कि इनके करोड़ों दर्शक हैं। इसके अलावा उसने इस्लामिक शोध संस्थान की भी शुरुआत की थी।
 
आतंकवाद का विरोधी दारुल उलूम देवबंद लगातार दुनिया से इसे खत्म करने के लिए कवायद करता रहा है। आतंकवाद के खिलाफ कई फतवे के साथ ही फरवरी 2008 में दारुल उलूम परिसर में मौलाना महमूद मदनी की सरपरस्ती में विश्व शांति सम्मेलन कर अमन का पैगाम दिया था।
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