समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को गैरकानूनी धर्म परिवर्तन अधिनियम में संशोधन करने वाले विधेयक को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीति के माध्यम से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास कुछ नहीं है, वे कुछ नया नहीं कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2024 के के संशोधित प्रावधानों के तहत, "अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के इरादे से किसी को धमकी देता है, हमला करता हैया शादी करने का वादा करता है, या इसके तहत साजिश रचता है तो उसके अपराध को अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा।"
यूपी सरकार पर साधा निशाना
यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि केंद्र बक्सर से भागलपुर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है और अगर इसमें 25 किमी का विस्तार किया जाए तो हम दिल्ली से सीधे भागलपुर जा सकते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने यह मांग नहीं रखी है। कांवर यात्रा मार्ग पर भोजनालय मालिकों के नाम प्रदर्शित करने को लेकर हुए विवाद पर अखिलेश यादव ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "वे केवल यही चाहते हैं कि हिंदू-मुस्लिम आपस में लड़ें और लोग भी इन चर्चाओं में व्यस्त रहते हैं। क्या वे छुआछूत पर भी कानून लाएंगे।"
समाजवादी सांसद अवधेश यादव ने भी इसी मुद्दे पर राज्य सरकार निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सरकार आजीविका के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तर प्रदेश से आते हैं, लेकिन वर्तमान में राज्य की स्थिति बहुत खराब है। किसान अपने घरों में नहीं बल्कि खेतों में रात गुजार रहे हैं। आवारा जानवर किसानों को मार रहे हैं। पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी ऐसे मुद्दे हैं, जिनका लोगों को सामना करना पड़ रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "ट्रांसफार्मर जल जाते हैं, लेकिन उन्हें बदला नहीं जाता। किसान धान की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। इन सब मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वे लव जिहाद पर बात करते हैं, जिससे कि उनकी असफलता पर बात न की जाए। इस देश में धर्म आधारित राजनीति नहीं चलेगी। जनता ने मुझे जीताकर यह संदेश दिया है कि यहां सांप्रदायिक राजनीति नहीं चलेगी।"
आजाद समाज पार्टी ने भी यूपी सरकार को घेरा
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) सांसद चन्द्रशेखर ने भी यूपी सरकार पर मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। वे भोजन, आश्रय और आवास, अच्छी शिक्षा देने में नाकाम है, लेकिन वे पूरी तरह से इन मुद्दों पर केंद्रित हैं, क्योंकि यह उन पर सूट करता है। हमारे लिए मुख्य मुद्दा बेरोजगारी और महंगाई है और हम उसपर काम कर रहे हैं।"