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शहरी गरीबी दूर करने में यूपी अव्वल, 3 साल में 1.89 लाख लोगों को किया प्रशिक्षित

Thu, 06 Apr 2017 09:32 PM IST
amarujala.com, Presented By : अनंत पालीवाल
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शहरी गरीबी दूर करने में उत्तर प्रदेश अव्वल रहा है। बीते तीन सालों में प्रदेश सरकार ने देश भर में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार शुरू करने के गुर सिखाये। वहीं, इस बीच तमिलनाडु ने सबसे ज्यादा लोगों को सब्सिडी वाला लोन दिया।
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मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि बीते तीन सालों में आठ लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया गया। वहीं, एक लाख से ज्यादा लोग सब्सिडी लोन के हकदार बने।

हालांकि, उत्तर प्रदेश से जुड़े आंकड़ों की हकीकत सीधे तौर पर प्रदेश की चुनावी राजनीति से जुड़ी है। सूत्र बताते हैं कि पहले साल 2014-15 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने एक भी शहरी गरीब को प्रशिक्षित नहीं किया। वहीं, अगले साल का आंकड़ा भी 37,000 के करीब रहा।
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लेकिन चुनावी साल होने की वजह से 2016-17 में पिछली प्रदेश सरकार इस मसले पर संजीदा दिखी। इस दौरान प्रदेश में 1.52 लाख से ज्यादा शहरी गरीबों को प्रशिक्षित कर दिया गया।

दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर अपना काम शुरू करने के लिए सब्सिडी वाला लोन देने में प्रदेश सरकार पिछड़ गई। इस मामले में तमिलनाडु अव्वल रहा। जबकि दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश था। वहीं, तीन सालों में उत्तर प्रदेश सिर्फ 14,138 लोगों को सब्सिडी लोन दिला सका।

मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार शहरी गरीबी दूर करने के लिये नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन चला रहा है। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम व सब्सिडी वाला लोन देकर अपना रोजगार शुरू करने के लिये प्रोत्साहित किया जाता है। 790 शहरों के साथ 2013 में लांच किये गये इस मिशन का विस्तार 2016 में 4,041 शहरों में कर दिया है।
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तीन सालों में शहरी गरीबी दूर करने वाले टॉप तीन राज्य
राज्य            प्रशिक्षण कार्यक्रम        सब्सिडी लोन
उत्तर प्रदेश        1,89,831                 14,138
मध्य प्रदेश         1,17,133                  26,558
तमिलनाडु         1,04,448                  30,258
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नोट: संख्या लाभार्थियों की है।
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