यूपी के सरकारी स्कूलों में नौवीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों और शिक्षकों के लिए योगी सरकार जल्द ही एक नया फरमान लाने वाली है। इस फरमान के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होने जा रही है। वहीं इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए बॉयोमेट्रिक पद्धति से अटेंडेंस ली जाएगी।
सरकार ने तैयार किया ड्रॉफ्ट
योगी सरकार ने इस फरमान को लागू करने से पहले ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है और उसे माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इस नियम के लागू हो जाने के बाद केवल वो ही स्टूडेंट 10वीं और 12वीं की परीक्षा में बैठ सकेंगे जिनकी पूरे सत्र में उपस्थिति 80 फीसदी से ज्यादा होगी। इसके साथ ही शिक्षकों को भी बॉयोमेट्रिक तरीके से अपनी स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगेगी लगाम
यूपी में इस वक्त सभी जगह प्राइवेट स्कूलों ने अपनी फीस में बेहताशा वृद्धि कर दी है, जिसके विरोध में जगह-जगह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों की इस समस्या पर भी सरकार का ध्यान गया है और इस बारे में भी एक ड्रॉफ्ट बिल शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्रालय के प्रमुख सचिव जीतेंद्र नागर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सरकार जल्द ही प्राइवेट स्कूलों की फीस एक खाका तैयार करेगी, जिसके बाद प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूल तय फीस से ज्यादा नहीं वसूल पाएंगे।
सरकार ने इसके लिए एक कमेटी का भी गठन किया है जो पंजाब और गुजरात में मौजूद इसी तरह के कानून का अध्यन करेगी। सरकार प्राइवेट स्कूल में दाखिला प्रक्रिया और फीस पर निगाह रखने के लिए एक विधेयक भी लेकर के आने पर विचार कर रही है।