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यूपी बोर्ड परिणाम 2019: हिंदी पट्टी में 5 लाख से ज्यादा छात्र हिंदी के पेपर में ही फेल हो गए

Tue, 30 Apr 2019 10:49 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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सांकेतिक तस्वीर
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हिंदी पट्टी में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाई स्कूल परीक्षाओं के शनिवार को घोषित हुए परिणामों से पता चला है कि अंग्रेजी और गणित की तुलना में हिंदी में ज्यादा छात्र फेल हुए। 
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल के हिंदी की परीक्षा में 5.74 लाख से ज्यादा छात्र फेल हुए, जबकि अंग्रेजी में 5.02 लाख फेल हुए और गणित विषय में नाकाम रहने वाले छात्रों की संख्या 5.03 लाख है। 

इस साल, कुल 29.50 लाख छात्रों ने हिंदी का पेपर दिया और इनमें से केवल 23.76 लाख छात्र ही इस विषय में पास हो पाए, जो ज्यादातर छात्रों की मातृभाषा है। हिंदी के पेपर के लिए पास प्रतिशत सिर्फ 80.54 फीसदी था। 
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बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा, “हिंदी में इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने का कोई विशेष कारण नहीं हो सकता है। हो सकता है कि उन्होंने इस विषय की पढ़ाई उतनी गंभीरता से नहीं की होगी जितना उन्होंने अन्य विषयों को पढ़ा होगा।”

काकोरी में बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल आरके सिंह का कहना है, "छात्र हिंदी विषय को हल्के में लेते हैं। वे मानने लगते हैं कि यह उनकी मातृभाषा है और वे इस विषय में पारंगत हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। हिंदी भी छात्रों से एक विषय के रूप में ज्यादा समय की मांग करती है।" 

अंग्रेजी में, 23.95 लाख छात्र परीक्षा में उपस्थित हुए और इनमें से 18.93 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा पास कर ली और 5.02 लाख छात्र अंग्रेजों की भाषा में फेल हो गए। 79.09% छात्रों ने विषय पास किया।

गणित में 19.12 लाख छात्रों ने परीक्षा दी जबकि 14.09 लाख ने सफलतापूर्वक पेपर पास किया और 5.03 लाख छात्र गणित के पेपर में फेल हुए। 
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हर साल बढ़ रहे इंटरमीडिएट की परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थी

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यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। यूपी बोर्ड की 2019 की इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 23,52,049 परीक्षार्थी शामिल हुए जिनमें से कुल 16,47,919 परीक्षार्थी ही यह परीक्षा उत्तीर्ण कर सके। इस तरह से 30 प्रतिशत परीक्षार्थी इस परीक्षा में फेल हो गए।

यूपी बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2015 की इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 27,64,277 परीक्षार्थी शामिल हुए थे और 24,55,496 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इस परीक्षा में फेल होने वाले परीक्षार्थियों का प्रतिशत 11.17 था।

वर्ष 2016 की परीक्षा में फेल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या बढ़कर 12.01 प्रतिशत हो गई और 2017 में ऐसे परीक्षार्थियों का प्रतिशत बढ़कर 17.38 पर पहुंच गया।

वर्ष 2018 की इंटरमीडिएट की परीक्षा में 26,04,093 परीक्षार्थी शामिल हुए थे और 18,86,050 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए थे। इस प्रकार से, वर्ष 2018 में अनुत्तीर्ण हुए परीक्षार्थियों का प्रतिशत बढ़कर 27.57 पर पहुंच गया।

उल्लेखनीय है कि 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में नई सरकार का गठन होने के बाद नकल विहीन परीक्षा पर विशेष जोर देने से उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों के प्रतिशत में तेज गिरावट आई। 

शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) विनय कुमार पांडेय ने बताया कि यूपी बोर्ड की 2019 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 51,91,333 परीक्षार्थी शामिल हुए। हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 28,39,284 परीक्षार्थी शामिल हुए जिनमें से 22,73,304 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों का प्रतिशत 80.07 रहा।

उन्होंने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा 8,354 और इंटरमीडिएट की परीक्षा 8,291 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई गई और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 8 मार्च, 2019 से 25 मार्च, 2019 तक 230 मूल्यांकन केंद्रों पर संपन्न हुआ।

पांडेय ने बताया कि परिषद मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय-प्रयागराज, मेरठ, बरेली, वाराणसी और गोरखपुर में 28 अप्रैल, 2019 से 29 मई, 2019 तक परीक्षार्थी ग्रीवांस सेल काम करेगा जहां 2019 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा से जुड़े परीक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित गति से निस्तारण किया जाएगा।
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