सीबीआई चार्जशीट में पीड़िता के बयान और कुछ तथ्यों में भिन्नता भी सामने आई है। चार्जशीट में सीबीआई ने लिखा है कि जांच के दौरान पीड़िता को 11 के बजाय 12 जून को अगवा किए जाने की बात सामने आई, क्योंकि शुभम सिंह व नरेश तिवारी 11 जून को अपहरण स्थल पर नहीं थे।
हालांकि पीड़िता ने नरेश द्वारा दिए गए मोबाइल के इस्तेमाल की बात से इंकार किया, लेकिन जांच में उसके द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
सीबीआई का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों के बारे में पूछने पर पीड़िता ने बताया कि अन्य तीन लोगों का नाम उसने वकील मनोज सेंगर के दबाव में लिए थे। इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की जा रही है। सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में लगाए आरोपों की पुष्टि के लिए 103 गवाहों की सूची कोर्ट में पेश की है।