सुप्रीम कोर्ट ने आज समलैंगिकता पर बड़ा फैसला सुनाया है। इसे अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। इसपर अब संयुक्त राष्ट्र का भी बयान आया है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले का स्वागत करते हैं। यौन अभिविन्यास और लिंग अभिव्यक्ति दुनिया भर में व्यक्ति की पहचान का अभिन्न हिस्सा बनें। हिंसा, कलंक और भेदभाव मानवाधिकारों का एक गंभीर उल्लंघन है।