यूनीटेक कंपनी के एमडी संजय चंद्रा और उनके भाई अजय को तिहाड़ जेल में मिल रही लग्जरी सुविधाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल कर रहे हैं कि जब सभी सुविधाएं जेल में मिल रही हैं तो फिर सजा किस बात की। अब इन्हीं सुविधाओं के चलते सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या जेल में अपराधियों के साथ समानांतर व्यवस्था चल रही है?
बता दें कि पिछले हफ्ते हाईकोर्ट के सेशन जज की एक रिपोर्ट आई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संजय और अजय को जेल में टीवी, कंप्यूटर, अलग ऑफिस और अन्य सुविधाएं जी जा रही हैं। मालूम हो कि ग्राहकों से धोखाधड़ी के आरोप में यूनीटेक के एमडी संजय चंद्रा एक साल से जेल में हैं।
लोगों को घर का सपना दिखाकर धोखाधड़ी करने वाले की जेल में ठाठ
लोगों को घर का सपना दिखाकर धोखाधड़ी करने के आरोपी यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और उनके भाई अजय चंद्रा तिहाड़ जेल में शाही सुविधाओं का लुत्फ उठा रहे हैं। हाईकोर्ट को मिली जानकारी में खुलासा हुआ कि उनकी बैरक से एलईडी टीवी, नारियल पानी, मिनरल वाटर और अन्य ऐश-ओ-आराम के सामान बरामद किए गए हैं।
दरअसल, कुछ कैदियों ने शिकायत की थी कि चंद्रा बंधुओं को जेल में हर तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। इस पर 4 सितंबर को सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने उस बैरक का निरीक्षण किया। अब उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट को जांच रिपोर्ट सौंपी है।
रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की पीठ ने शुक्रवार को आप सरकार, डीजी (जेल) और वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर 1 फरवरी तक जवाब मांगा है।
जेल में मिले आराम के सामान
रिपोर्ट में डीजी और अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश भी की गई है। उनकी बैरक को कंबल और बोर्ड से ढका गया था, ताकि बाहर की धूल और बदबू नहीं आए। हाईकोर्ट ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका में बदल दिया।
अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा काम संभव नहीं है। यह तिहाड़ के अधिकारियों, डीजी (जेल) के भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। - रमेश कुमार, सत्र न्यायाधीश द्वितीय
जेल में मिले आराम के सामान
जेल में चंद्रा बंधुओं को अलग से कार्यालय दिया गया था, जहां इंटरनेट कनेक्शन और प्रिंटर के साथ कंप्यूटर भी था। उनके पास आरामदायक गद्दे, सरसों का तेल, फुट मैट, बोतलबंद पानी और स्टूल भी मिले। हालांकि, चंद्रा बंधुओं ने दावा किया कि उन्होंने जेल की कैंटीन से पानी खरीदा है। जांच में पता चला कि कैंटीन में दूसरे ब्रांड का बोतलबंद पानी उपलब्ध था।