सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक के प्रमोटरों संजय व अजय चंद्रा की जमानत के मामले में हाईकोर्ट और चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है।
शीर्ष अदालत ने दोनों अदालतों के न्यायिक अधिकार का बेजा इस्तेमाल करने को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही चंद्रा बंधुओं को सीएमएम अदालत से मिली जमानत पर रोक लगाते हुए उन्हें 22 मार्च तक तिहाड़ जेल में पेश होने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट व सीएमएम के ‘रवैये’ पर आपत्ति जताई, कंपनी के प्रमोटरों संजय व अजय की जमानत पर लगाई रोक
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस पर नाराजगी जताई कि शीर्ष अदालत से जमानत नहीं मिलने के बावजूद हाईकोर्ट और सीएमएम ने चंद्रा बंधुओं की जमानत याचिका पर विचार किया।
पीठ ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली हाईकोर्ट ने चंद्रा बंधुओं को सीएमएम के पास जमानत याचिका लगाने का निर्देश दिया, वह दुखद है। यह न्यायिक अधिकार का बेजा इस्तेमाल करना है। साथ ही न्यायिक आचरण के खिलाफ भी है। पीठ ने आरोपी चंद्रा बंधुओं की तरफ से जमानत याचिका लगाने पर भी आपत्ति जताई और दोनों को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।