राज्यसभा में शुक्रवार को राजस्थान में फोन टैपिंग के मुद्दे को उठाए जाने को लेकर शून्यकाल में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव ने इस मुद्दे को उठाया और देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते फोन टैपिंग के मसलों को लेकर चिंता जताई।
यादव ने इस मामले पर शून्यकाल नोटिस देते हुए सदन से संरक्षण का आग्रह किया। उन्होंने संविधान और टेलीग्राफ कानून का संदर्भ देते हुए कहा कि वह राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जहां 6 करोड़ लोग हैं। उन्होंने जैसे ही राजस्थान और कांग्रेस मुख्यमंत्री का जिक्र किया तो कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आपत्ति जताई। रमेश ने कहा कि यादव किसी पार्टी का नाम नहीं ले सकते हैं। इस पर भाजपा और कांग्रेस सांसदों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
इस पर सभापति ने हस्तक्षेप किया तो भाजपा सांसद यादव ने साफ किया कि वह राज्य का नहीं, देश के नागरिकों का विषय उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के फोन टैप किए जा रहे हैं और इसके जरिये इंडियन टेलीग्राफ कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
कांग्रेस सांसदों के शोरशराबे के बीच यादव ने कहा कि वह किसी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं कर रहे हैं, लेकिन वह सदन का संरक्षण चाहते हैं क्योंकि वह राजस्थान की 6 करोड़ जनता और कांग्रेस के असंतुष्ट नेता हैं, उनके सांविधानिक अधिकारों और उन्हें खंडित किए जाने का मुद्दा उठा रहे हैं।