आंध्रप्रदेश और तेलंगाना का नक्शा
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राज्य पुरातत्व विभाग को सूर्यापेट जिले के फणीगिरी में ‘अनोखी’ मानव आकार की एक खास प्रकार के चूने से निर्मित मूर्ति मिली है। एक ऐतिहासिक स्थल की खुदाई के दौरान मिली मूर्ति करीब 1700 साल पुरानी है और इसका निर्माण इक्ष्वाकु वंश के शासनकाल के दौरान होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि करीब 1.73 मीटर लंबी और 35 सेंटीमीटर चौड़ी यह मूर्ति बोधिसत्व या यक्ष (भगवान बुद्ध के उपासक) की है। विभाग का दावा है कि भारत में पहली बार चूने से निर्मित मानव आकार की मूर्ति मिली है।
विभाग के मुताबिक, उसकी तरफ से केंद्रीय पुरातत्व सलाहकार बोर्ड (काबा) और भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को प्रस्ताव भेजकर फणीगिरी में खुदाई की इजाजत मांगी गई थी। एएसआई ने 2018-19 सत्र के लिए पुणे के डेक्कन कॉलेज के साथ मिलकर खुदाई करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद 2 फरवरी को खुदाई का काम शुरू किया गया था।
विभाग की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि खुदाई के दौरान मिली कई वस्तुओं में सबसे अहम यह मानव आकार की मूर्ति है। खुदाई स्थल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मिली यह मूर्ति नीचे की तरफ मुंह किए हुए थे। 26 अप्रैल को खुदाई के दौरान मिली इस मूर्ति के टुकड़ों को बहुत सावधानी से सहेजने के बाद गनफाउंड्री के राजकीय संग्रहालय में एक मूर्ति के रूप में जोड़कर रखा गया है।