Solar Powered Fridge: भारत में टीकों को सुरक्षित रखने के लिए सौर ऊर्जा चालित फ्रिज स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार ने कोल्ड चेन तकनीशियनों को प्रशिक्षण देने की पहल की है ताकि तकनीकी खामियों को स्थानीय स्तर पर ही ठीक किया जा सके।
जलवायु परिवर्तन के चलते पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग का सामना कर रही है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है। जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में इन प्रभावों से बचने के लिए केंद्र सरकार ने अनोखी पहल शुरू की है, जिसके तहत देश के सभी राज्य टीका सुरक्षित रखने के लिए सौर ऊर्जा चालित फ्रिजों को स्थापित कर रहे हैं।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एनआईएचएफडब्ल्यू) के निदेशक डॉ. धीरज शाह ने बुधवार को बताया कि 2015 में केंद्र ने राष्ट्रीय कोल्ड चेन एवं टीका प्रबंधन संसाधन केंद्र शुरू किया जो अब देश के सभी जिलों में कोल्ड चेन तकनीशियनों को प्रशिक्षण दे रहा है ताकि इनमें आने वाली तकनीकी खामियों को स्थानीय स्तर पर ही ठीक किया जा सके।
शाह ने कहा कि पुरानी तकनीक पर आधारित रेफ्रिजरेटर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देते हैं। इन प्रभावों से बचने के लिए देश के सभी राज्यों में सौर ऊर्जा से चलने वाले रेफ्रिजरेटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें -20 से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर टीकों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
एनआईएचएफडब्ल्यू की कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. रेणु सेहरावत ने बताया कि टीके गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं, उन्हें निर्धारित तापमान सीमा के भीतर परिवहन और संग्रहित किया जाना चाहिए। इसलिए, उनकी क्षमता और प्रभाव बनाए रखने के लिए, कोल्ड चेन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।