घरेलू यात्रियों के लिए एक खुशखबरी है। वह अब पेपरलेस बोर्डिंग कर पाएंगे। इसके लिए एक यूनिक आइडेंटिटी नंबर बनाने की बातचीत की जा रही है। भारतीय हवाई अड्डा (एएआई) प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व करने वाली एक तकनीकी टीम ने और चार निजी मेट्रो एयरपोर्ट ने एक बायोमैट्रिक बेस्ड डिजिटल-यात्रा (डीवाई) फॉर्मेट को फाइनल किया है। इसके जरिए सभी एयरपोर्ट में घरेलू यात्री बिना किसी दस्तावेज के यात्रा का लुत्फ उठा पाएंगे।
इस योजना के तहत हर यात्री को उड्डयन मंत्रालय के पोर्टल एयरसेवा से एक यूनिक आईडी मिलेगी जिसे उनके बायोमैट्रिक से लिंक किया जाएगा। लोगों को इस डीवाई आईडी को घरेलू यात्रा की टिकट बुक कराते समय देना होगा। केवल वह लोग जो पेपरलेस बोर्डिंग करना चाहते हैं उन्हें यह आईडी दी जाएंगी। इसके अलावा पुरानी प्रक्रिया भी जारी रहेगी। सिंतबर 2016 को उड्डयन मंत्रालय ने शिकायतों के निपटारे के लिए एयरसेवा पोर्टल बनाया था। अब इसका इस्तेमाल डीवाई के लिए किया जाएगा।
एएआई के अध्यक्ष गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने कहा, हम जल्द ही एयरसेवा पोर्टल का एक अपडेटिड वर्जन लॉन्च करने वाले हैं। जिसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। एयरसेवा-2 में डीवाई का एक लिंक होगा। यात्री को व्यक्तिगत तौर पर इस लिंक पर जाकर अपना नामांकन करवाना पड़ेगा और फिर उसे
यूनिक आईडी नंबर मिल जाएगा। नामांकन के समय उन्हें पहचान पत्र जैसे कि आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट देने होंगे। इन विवरणों का मिलान सत्यापन के लिए किया जाएगा।
एयरलाइन की वेबसाइट्स को भी अपडेट किया जाएगा ताकि टिकट बुक करते समय यात्रियों को वहां से डीवाई आईडी जारी करने का विकल्प मिल सके। जब कोई यात्री पहली बार यूनिक आईडी मिलने के बाद टिकट लेकर
एयरपोर्ट जाएगा तो उसे अपने साथ पहचान पत्र और एक फोटो लेकर जानी होगी। एयरपोर्ट पर दस्तावेजों के सभी सभी विवरणों और आइरिस स्कैन को कैप्चर किया जाएगा। इसे सिस्टम में दर्ज कर लिया जाएगा। इसके बाद जब भी यात्री एयरपोर्ट आएगा उसे टिकट के अलावा कोई और दस्तावेज साथ नहीं लाने होंगे।