पूर्व कांग्रेस नेता और केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें नेता के तौर पर स्वीकार नहीं करती।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सिंह ने राहुल गांधी की पार्टी की अगुवाई करने की क्षमता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यहां तक कि कांग्रेस पार्टी ने भी राहुल गांधी को अपने नेता के रूप में स्वीकार नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने 2013 जयपुर सम्मेलन में फैसला किया था कि भविष्य में राहुल को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की जगह कांग्रेस का प्रभार सौंपा जाएगा। अब तक अगर राहुल को ये जिम्मेदारी सौंपी नहीं गई तो इसका मतलब है कि कांग्रेस में डर है कि अगर ऐसा किया जाता है तो पार्टी में जो कुछ बचा है वह भी खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि कांग्रेस नेता भी कांग्रेस पार्टी का कोई भविष्य नहीं देखते। उन्होंने कहा कि "हालांकि तीन साल से मैं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हूं, लेकिन अभी भी कई कांग्रेस राजनेता मुझसे मिलते हैं। वे बहुत निराश हैं और कहते हैं कि उन्हें कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं दिख रहा है।"
क्या कांग्रेस को गांधी परिवार से परे देखना चाहिए? इस सवाल का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि अगर गांधी परिवार से परे कांग्रेस को सोचा जाए तो कोई ऐसा नेता नहीं है जो कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व कर सके।
कांग्रेस के नेतृत्व संकट पर उन्होंने कहा कि आज का कांग्रेस वो पार्टी नहीं है, जिसने 2014 के चुनाव में लड़ा था और लगभग 140 सीटों पर जीत हासिल कर गठबंधन की सरकार बनाई थी।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का आधार दिन-प्रतिदिन कमजोर पड़ता जा रहा है। देश मेंअब ये धारणा बन चुकी है कि आधी शताब्दी तक देश पर शासन करने वाले कांग्रेस का भाजपा विकल्प बनता जा रहा है। यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि उत्तर प्रदेश चुनाव परिणाम के बाद विपक्ष को 2024 के आम चुनावों के लिए तैयार होना चाहिए।