बेहतर मॉनसून के लिए लोग इंद्र देव को खुश करने की हर कोशिश करते हैं, फिर वो चाहे पूजा का या हवन का सहारा ले। अजीब तो तब लगता है जब राज्य सरकार ऐसे तरीकों को अपनाने पर आ जाए। दरअसल, कर्नाटक सरकार की ओर से बेहतर बारिश के लिए करीब 20 लाख रुपये हवन के लिए खर्च किए जाएंगे।
लगातार तीन साल से सूखे की मार झेल रहे कर्नाटक को इस बार भी इन गंभीर हालातों का सामना न करना पढ़े, इसलिए सरकार हर कोशिश कर रही है। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक सरकार की ओर से चलाए जा रहे कृष्णा और कावेरी सिंचाई विभाग की ओर से शुक्रवार और रविवार को हवन का आयोजन किया जा रहा है।
जल मंत्री एमबी पाटिल, पुणे के महाबलेश्वर में होने वाली पहले हवन में खुद शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंगा पूजा, गोदावरी पुष्करनी और दूसरी नदियों की पूजा में करोड़ों रुपये खर्चे जाते हैं, अगर ये हवन किया जा रहा है तो इसमें गलत क्या है? उन्होंने कहा कि दोनों हवन के लिए ज्यादा से ज्यादा 10-10 लाख रुपये तय किए गए हैं, लेकिन इसमें मुश्किल से 4-5 लाख रुपये खर्च होंगे।
चौंका देने वाली बात है कि सीएम सिद्दारमैया से जब पूजा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इन सब में नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि आप पूजा करवा कर बारिश नहीं करवा सकते, अगर ये कोई मंत्री करवा रहा है, तो ये अभी तक ये मुद्दा मेरे पास नहीं आया है। इस पूजा में पंडाल, पुजारी, सामग्री और प्रसाद पर ये खर्चा होने वाला है।