राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अखिल भारतीय समन्वय बैठक के दूसरे दिन संगठन के समक्ष आने वाली चुनौतियों और आगे की रणनीतियों पर मंथन किया। साथ ही पहले दिन बैठक में पंजाब के हालात और देश में नक्सली हिंसा में आई कमी पर विशेष चर्चा हुई।
संघ के अखिल भारतीय समन्वय बैठक पहली बार केरल में हो रही है। बैठक के पहले दिन शनिवार को चार सत्र हुए थे। इसमें पहला वायनाड में आए भूस्खलन और संघ के स्वयंसेवकों के किए गए राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित रहा। दूसरे सत्र में संघ और उससे जुड़े संगठनों से संबंधित संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें उनके बीच संरचनात्मक और कार्यात्मक समन्वय पर बातचीत की गई। तीसरे सत्र में पाकिस्तान से लगते पंजाब के हालात पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही नक्सली हिंसा में कमी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र सरकार के विकास प्रयासों पर भी चर्चा हुई। साथ ही वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से इन क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की गई।
विभिन्न संबद्ध संगठनों के समूह बनाकर विशिष्ट संगठनात्मक समन्वय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक अलग सत्र हुआ। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया।