रिजिजू ने कहा कि हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। अदालत को सरकार और विधान मंडल का सम्मान करना चाहिए। हमारे पास स्पष्ट सीमा है और यह 'लक्ष्मण रेखा' किसी को भी पार नहीं करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशद्रोह कानून की सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी। इसके बाद केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कार्यपालिका और न्यायपालिका सहित विभिन्न संस्थानों का मार्गदर्शन करने वाली 'लक्ष्मण रेखा' का उल्लेख किया और कहा कि किसी को भी इसे पार नहीं करना चाहिए।
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अदालत की ओर से निर्देश जारी किए जाने के कुछ देर बाद ही मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। अदालत को सरकार और विधान मंडल का सम्मान करना चाहिए। हमारे पास स्पष्ट सीमा है और यह 'लक्ष्मण रेखा' किसी को भी पार नहीं करनी चाहिए।
देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायाधीश सूर्यकांत और हिमा कोहली की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि देशद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। पीठ ने इसे लेकरकेंद्र व राज्यों को नई एफआईआर दर्ज करने से भी मना किया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए जुलाई के तीसरे सप्ताह में सूचीबद्ध किया है और कहा है कि अग्रिम आदेश तक हमारे निर्देशों का पालन जारी रहना चाहिए।