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Ricin: रिसिन आतंकी साजिश की जांच NIA को सौंपी, गुजरात एटीएस ने पकड़े थे तीन संदिग्ध, जानें कितना घातक?

Sat, 03 Jan 2026 05:34 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

Ricin Terror Plot: गृह मंत्रालय ने रिसिन जहर आतंकी साजिश की जांच NIA) को सौंप दी है। गुजरात ATS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी शनिवार को साझा की। रिसिन सबसे घातक जहर में से एक है। 
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एनआईए - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बीते साल नवंबर में गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) देश में रसायनिक हमले की खतरनाक साजिश का भंडाफोड़ किया था। गुजरात में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों के पास से रिसिन जहर मिला था। अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कथित रिसिन जहर आतंकी साजिश की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है, जिसकी जानकारी गुजरात एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार (03 जनवरी) को दी।
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एटीएस ने की थी बड़ी आतंकी साजिश नाकाम
गुजरात एटीएस ने पिछले साल 9 नवंबर को डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम को हथियारों और केमिकल्स से एक बड़े आतंकवादी हमले की साजिश में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था।

एनआईए को जांच सौंपने का आदेश
एजेंसी ने तीनों पर सख्त UAPA गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था, साथ ही भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम भी लगाया था। पुलिस अधीक्षक (एटीएस) के सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि गृह मंत्रालय ने रिसिन केमिकल साजिश से जुड़े UAPA मामले को एनआईए को सौंपने का आदेश दिया है।"
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आतंकी साजिश की जांच करने वाली गुजरात एटीएस ने हैदराबाद के रहने वाले डॉ. सैयद को 7 नवंबर को गांधीनगर के अडालज के पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, 30 जिंदा कारतूस और चार लीटर अरंडी के तेल के साथ गिरफ्तार किया था। अन्य आरोपी, शेख और सलीम, दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, उन्हें डॉ. सैयद को हथियार सप्लाई करने के आरोप में बनासकांठा जिले से गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने तब पुष्टि की थी कि सैयद का हैंडलर, अबू खदीजा, अफगानिस्तान का था और ISKP (इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत) से जुड़ा था, और वह पाकिस्तान के कई लोगों के संपर्क में भी था। अधिकारियों के अनुसार, डॉ. सैयद, जिन्होंने चीन से MBBS की डिग्री हासिल की थी, एक बड़ा आतंकवादी हमला करने के लिए रिसिन तैयार कर रहा था। उसने पहले ही जरूरी रिसर्च शुरू कर दी थी, उपकरण और कच्चा माल खरीद लिया था, और शुरुआती केमिकल प्रोसेसिंग शुरू कर दी थी।

क्या है रिसिन और कितना घातक है? जानें
रिसिन सबसे घातक जहर में से एक है। रिसिन आसानी से बनाया जा सकने वाला सफेद पाउडर है। इसे इंजेक्शन से, खाने में मिलाकर या सांस के जरिये दिया जा सकता है। सांस के जरिये इसे देने का तरीका सबसे खतरनाक माना जाता है, जिससे एक ही समय में ज्यादा लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। इसकी चपेट में आने से किसी व्यक्ति की 48 से 72 घंटे में मौत हो सकती है। खास यह है कि दुनिया में अभी तक इसका कोई एंटीडोट या औषधि नहीं बनी है।

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कैसे तैयार होता है रिसिन जहर?
अरंडी के बीज में जहरीला प्रोटीन रिसिन पाया जाता है। अरंडी के एक बीज में 5 से 10 प्रतिशत तक रिसिन हो सकता है। रिसिन जिस भी कोशिका के संपर्क में आता है, उसके अंदर प्रोटीन सिंथेसिस बंद कर देता है। इससे कोशिका मर जाती है। रिसिन शरीर की कोशिकाओं को संक्रमित करता है। यह कोशिकाओं की प्रोटीन बनाने की क्षमता खत्म कर देता है। इसकी वजह से शरीर के बेहद जरूरी काम रुक जाते हैं। यदि व्यक्ति बच भी जाए तो कई अंग स्थायी रूप से बेकार हो जाते हैं। शोधों के मुताबिक, सिर्फ टीकाकरण ही रिसिन से मौत को रोकने में असरदार हो सकता है। रिसिन का शिकार होने के चार घंटे के अंदर इलाज मिल पाए तभी कुछ कारगर हो सकता है।

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