लॉकडाउन को खोलने के पहले चरण में रेस्टोरेंट को खुलने की अनुमति मिलने के बाद केंद्रीय परिवार एवं कल्याण मंत्रालय ने रेस्टोरेंट में कोरोना संक्रमण न फैले, इसे लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। बता दें कि 25 मार्च से पूरे देश में लागू लॉकडाउन के बाद आठ जून से रेस्टोरेंट को खुलने की अनुमति दी गई है।
दिशानिर्देश में कहा गया है कि केवल उन्हीं स्टाफ और ग्राहकों को रेस्टोरेंट में प्रवेश करने की अनुमति होगी जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिख रहे होंगे। प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग व्यवस्था का होना अनिवार्य होगा।
इन नियमों का करना होगा पालन
- कंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट को अभी भी खुलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा सभी स्थान पर रेस्टोरेंट खोले जा सकते हैं।
- रेस्टोरेंट स्टाफ के उसी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश दिया जाएगा जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिख रहे होंगे।
- होम डिलीवरी को बढ़ावा देना होगा और खाना पहुंचाने जाने से पहले सभी डिलीवरी ब्वॉयज की थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए।
- रेस्टोरेंट के प्रवेश पर हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम अनिवार्य रूप से होने चाहिए।
- कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही प्रवेश दिया जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें।
- कोरोना वायरस की रोकथाम और जागरूकता से संबंधित पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे।
- रेस्टोरेंट में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखना होगा। संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
- रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाए।
- पार्किंग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ के लिए मास्क, ग्लव्स पहनना जरूरी होगा। पार्किंग के बाद कार के स्टेयरिंग, गेट के हैंडल को सैनिटाइज करना होगा।
- ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग द्वार होने चाहिए। टेबल के बीच भी उचित दूरी जरूरी है।
- रेस्टोरेंट खाना खिलाने के लिए डिस्पोजेबल वस्तुओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाथ धोने के लिए अच्छी गुणवत्ता के नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए।