सार
केरल में एम्स कहां बनेगा? इस बात को लेकर राज्यभर में सियासत तेज है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी अपनी पुरानी मांग पर डटे है कि एम्स अलप्पुझा में बनाया जाए, हालांकि भाजपा ने इस उनका व्यक्तिगत विचार बताया था। साथ ही इस बात पर जोर भी दिया था कि एम्स का निर्णय केंद्र और राज्य की सहमति से होगा।
केरल में एम्स की मांग को लेकर चल रही बयानबाजी ने राज्यभर में सियासत गर्माहट तेज कर दी है। ऐसे में एक बार फिर केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी नेमामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि केरल में एम्स के विषय में उनका रुख 2016 जैसा ही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैंने जो कहना था, कह दिया है। मेरा एक ही रुख है, जो 2016 में था, वही है।
यह बयान सुरेश गोपी के हालिया उस घटनाक्रम के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अलप्पुझा जिले में एम्स की मांग की थी। कई पार्टी नेताओं ने इसे उनका व्यक्तिगत मत बताया और कहा कि एम्स कहां स्थापित होगा, यह केंद्र सरकार तय करेगी।