दरअसल, राहुल गांधी ने अपनी प्रेस वार्ता में कृषि कानूनों का विरोध किया था और इन कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश की कृषि व्यवस्था को बर्बाद कर देना चाहती है। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हुए किसानों के बवाल पर उन्होंने सवाल उठाया था कि किसानों को लाल किले के अंदर जाने की अनुमति किसने और क्यों दी। उन्होंने कहा कि केंद्र कितनी भी कोशिशें कर ले यह आंदोलन रुकेगा नहीं और किसान इसे शहरों में ले जाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को ये नहीं समझना चाहिए कि ये आंदोलन यहां रुक जाएगा। ये आंदोलन शहरों किसानों से शहरों के अंदर जाएगा। केवल किसान गुस्सा नहीं है। हिंदुस्तान में लाखों युवा हैं, जिनसे इन्हीं पांच-दस लोगों और पीएम ने रोजगार छीना है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इससे देश का नुकसान होगा। देश में जो अस्थिरता की स्थिति बनी है उससे नुकसान होगा। इसलिए सरकार को आगे आना चाहिए, किसानों से बात करनी चाहिए और इस मामले का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।