केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल
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केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को चेन्नई और श्रीलंका के बीच पहले अंतरराष्ट्रीय क्रूज पोत 'एमवी एम्प्रेस' को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर चेन्नई बंदरगाह पर 17.21 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज पर्यटन टर्मिनल का उद्घाटन भी किया गया। 2880 वर्ग मीटर में फैले क्रूज टर्मिनल 3000 यात्रियों की मेजबानी करने में सक्षम होगी।
क्रूट पर्यटन की अपार संभावनाएं
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि हमारे तटीय क्षेत्र के आसपास समृद्ध विरासत और संस्कृति के साथ भारत में क्रूज पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चेन्नई और श्रीलंका के बीच पहली क्रूज सेवा शुरू की है, इसने देश में क्रूज पर्यटन क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय क्रूज सेवाओं तक पहुंच और सामर्थ्य एक वास्तविकता बन गई है, लोग शानदार सुविधाओं, मनोरंजन और लुभावने दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
2024 तक नए अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल चालू होने की उम्मीद
सोनोवाल ने कहा कि 2024 तक तीन नए अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल चालू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उम्मीद हैं कि क्रूज जहाजों की संख्या 2023 में 208 से बढ़कर 2030 में 500 और 2047 तक 1100 तक हो जाएगी। क्रूज सेवाओं का लाभ उठाने वाले यात्रियों की संख्या भी 2030 में 9.50 लाख से बढ़कर 2047 तक 45 लाख होने की उम्मीद है।
अंडमान, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में नए क्रूज पर्यटन टर्मिनल की योजना
अंडमान, पुडुचेरी और लक्षद्वीप सर्किट में नए क्रूज पर्यटन टर्मिनल विकसित करने की योजनाएं चल रही हैं। हम भारत, श्रीलंका, थाईलैंड और म्यांमार में फेरी सर्किट विकसित करने की व्यवहार्यता का भी अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय देश के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों में क्रूज सेवाओं की मांग को बढ़ावा देने के लिए गुजरात में तीर्थ यात्रा, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन और आयुर्वेद कल्याण पर्यटन और विरासत पर्यटन पर भी काम कर रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सोनोवाल ने चेन्नई बंदरगाह पर 2,500 पौधे लगाने की पहल भी शुरू की।