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रवि शंकर प्रसाद का दावा : मोदी सरकार में घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं बिचौलिए

Thu, 21 Nov 2019 10:48 PM IST
देव कश्यप डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला  
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रवि शंकर प्रसाद - फोटो : Twitter
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पीएम नरेंद्र मोदी सख्त हैं तो जाहिर है कि सभी मंत्रालयों में उनकी वह छाप दिखाई देगी। यही हो रहा है। वे ईमानदारी से शासन कर रहे हैं, इसका नतीजा यह हुआ कि बिचौलिए, मोदी सरकार में घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। अगर मेरे मंत्रालय यानी संचार भवन की बात करें तो बिचौलिया बाहर से ही लौट जाता है। वह जानता है कि मोदी सरकार में 'सेटिंग, फटिंग और कटिंग' ये सब बंद हो चुका है। वैसे इन शब्दों का इस्तेमाल हमारे बिहार में होता है। वीरवार को कॉन्स्टिटूशन क्लब में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में केंद्रीय कानून एवं दूर संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह बात कही है।

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‘चुनाव 2019 कहानी मोदी 2.0 की’ यह पुस्तक वरिष्ठ पत्रकार अक्कु श्रीवास्तव ने लिखी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमारे संविधान निर्माताओं ने एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी थी। यह अलग बात है कि देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ, लेकिन भारत एक मजहबी राष्ट्र कभी नहीं बना। संविधान निर्माताओं ने लोगों को वोट की ऐसी ताकत दी है कि जब वे चाहें सरकार बदल सकते हैं। देश में दर्जनभर प्रधानमंत्री बने हैं, मगर जिन्हें लोगों ने बनाया है कि वे चार ही हैं। इनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी शामिल हैं।

जब नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, तब लोगों में एक नई भावना ने जन्म लिया था।उनमें एक सोच पैदा हुई कि अब वे भी पीएम बन सकते हैं। बतौर रविशंकर प्रसाद, लोगों ने ऐसा क्यों सोचा।वह इसलिए कि नरेंद्र मोदी चाय बेचने वाला था। बस यहीं से नई राजनीति शुरु हो गई। आज भारत दुनिया का तीसरा स्टार्टअप देश बन चुका है। करीब 24 हजार स्टार्टअप अपनी राह पर चल पड़े हैं। विभिन्न योजनाओं में आधार कार्ड लिंक करने से करोड़ों अरबों रुपये बच रहे हैं। सेटिंग का खेल पूरी तरह खत्म हो गया है। जो लोग मोदी के साथ काम कर रहे हैं, वे इसे अच्छी तरह जानते और समझते हैं।

जब मोदी ने कहा, फुटपाथ पर जलेबी खाने का मेरा भी मन करता है...

रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पीएम मोदी एक साधारण इंसान की तरह रहना चाहते हैं। वे पहले भी साधारण थे और आज भी वही हैं।पीएम बनने के बाद समय अभाव के चलते उनकी दिनचर्या में अवश्य बदलाव हुआ है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान मैं और तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा प्रचार के लिए गए हुए थे। जब प्रचार से फुर्सत मिली तो हम बाजार में चाट खाने के लिए निकल गए। हम फुटपाथ पर चाट खा रहे थे कि उसके थोड़ी देर बाद ही सोशल मीडिया पर हमारा वह फोटो वायरल हो गया।

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इसके बाद हम दूसरी जगह पर प्रचार के लिए गए। वहां जलेबी खाने का मन किया।जब हम फुटपाथ पर जलेबी खाने पहुंचे तो वहां पहले से ही दर्जनों फोटोग्राफर खड़े हुए थे। इसके बाद हम दिल्ली आ गए।कुछ दिन बाद पीएम मोदी ने एक बैठक बुलाई। उसमें मैं भी पहुंचा था। बैठक खत्म हो गई तो सभी लोग जाने लगे।पीएम ने मुझे रुकने के लिए। मैं डर गया कि आज तो डांट लगेगी। उन्होंने कहा, तुम फुटपाथ पर जलेबी खा रहे थे। यह सुनकर मैं भी अवाक रह गया। मोदी ने मेरे कंधे पर हाथ रख कर कहा, ये बहुत अच्छी बात है। जनता के बीच रहना चाहिए। मेरा भी मन करता है कि मैं फुटपाथ पर जलेबी खाऊं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा, यह देश से जुड़ा संजीदा मुद्दा था। किसी भी व्यक्ति को इसका विरोध नहीं करना चाहिए था। जनता इसका बहुत बुरा मानती है।

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