भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अब जबकि कांग्रेस गुपकार गठबंधन में शामिल हो गई है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के उस बयान का समर्थन करती है जिसमें उन्होंने अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए कथित तौर पर चीन से मदद की बात की थी।
पात्रा ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के तिरंगा नहीं उठाने संबंधी बयान पर भी कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा, ये गुपकार है या गुप्तचर है? ये कौन सा गठबंधन है? ये गुप्तचर गठबंधन क्या चाहता है?... ये वही चाहता है जो पाकिस्तान चाहता है, जो हिंदुस्तान के दुश्मन देश चाहते हैं।
पीएम मोदी सबको साथ लेकर चलने में लगे, लेकिन कुछ लोग देश का अहित सोच रहे
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास ओर सबका विश्वास' के सपने का आगे बढ़ाते हुए जम्मू एवं कश्मीर के विकास में लगे हुए हैं वहीं कुछ राजनीतिक दल ऐसे हें जो देश का अहित सोचते हैं। पात्रा ने कहा कि गुपकर गठबंधन को मुख्य उद्देश्य अनुच्छेद 370 को रोकना है।
पात्रा ने कहा, ये बहुत ही धिक्कार का विषय है। ये कोई चीन और पाकिस्तान का कानून नहीं है जिसे वे रोकना चाह रहे हैं। ये हिंदुस्तान का कानून है और इसे यहां की संसद ने बनाया है और लोकतांत्रिक तरीके से बनाया है।
क्या सोनिया और राहुल फारुक और महबूबा के बयान का समर्थन करते हैं
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गुपकार गठबंधन में शामिल एक दल के नेता फारुक अब्दुल्ला कहते हैं कि वह चीन के साथ मिलकर अनुच्छेद 370 वापस लाएंगे जबकि दूसरे दल की नेता महबूबा मुफ्ती कह रही है कि वह तिरंगा नहीं उठाएंगी और ना ही उठाने देंगी।
उन्होंने कहा, एक चीन के साथ मिलना चाहता है और दूसरा तिरंगा नहीं उठाना चाहता है। इन सबके बीच पी चिदंबरम कहते हैं कि अनुच्छेद 370 हटाना अनुचित है और हम इसकी वापसी चाहते हैं। ये सब जुड़े हुए हैं। पाकिस्तान भी यही चाहता है। पाकिस्तान ने हर मंच पर अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के खिलाफ आवाज बुलंद की है। हर जगह कह रहा है कि अनुच्छेद 370 हटना अच्छी बात नहीं है। इसे वापस किया जाना चाहिए, यह कहते हुए वह संयुक्त राष्ट्र तक चला गया। ये गुप्तचर अलायंस भी वहीं कह रहा है। उसमें राहुल जी और सोनिया जी सम्मिलित हैं।
भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछा कि क्या वे अब्दुल्ला ओर महबूबा मुफ्ती के बयानों के साथ हैं या उसके खिलाफ। उन्होंने पूछा, आप इनको खारिज करते हैं या समर्थन करते हैं। आप इन वाकयों के साथ खड़े हैं या विरोध में खड़े हैं।