केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे ने औरंगाबाद में मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में अच्छे रेल नेटवर्क का अभाव है क्योंकि एक समय यह निजाम शासन के तहत आता था। उन्होंने रेल बोगी रखरखाव केंद्र की आधारशिला रखने के बाद यह बात कही।
दानवे ने कहा, मराठवाड़ा में खराब रेलवे नेटवर्क का कारण यह है कि यह क्षेत्र ब्रिटिश शासन के अधीन नहीं बल्कि निजाम के अधीन था। निजाम शासन को रेलवे की जरूरत नहीं थी। भाजपा नेता दानवे ने आश्वासन दिया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क का विस्तार करेगी।
दानवे के बयान की लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने आलोचना की। उन्होंने कहा, निजाम शासन 70 साल पहले खत्म हो गया और दानवे अब भी उनका नाम लेकर रोना रो रहे रहे हैं। सरकार ने औरंगाबाद रेलवे स्टेशन को नया रूप देने की घोषणा तो की, लेकिन जब कोई ही ट्रेन नहीं है तो इसका क्या उपयोग है। जलील ने कहा, “हम उत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों के लिए और ट्रेनों की घोषणा की उम्मीद कर रहे हैं।
दानवे ने यह भी कहा कि एआईएमआईएम से ताल्लुक रखने वाले जलील के साथ उनके “अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध” हैं, और ऐसा लगता है कि वह भाजपा के ही व्यक्ति हैं। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए जलील ने कहा, मैं एआईएमआईएम के साथ हूं और इसके साथ ही रहूंगा। मैं भाजपा में शामिल होने का पाप नहीं करूंगा।