नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताया और किसानों से कहा कि उन्हें इसका उत्पादन शुरू करना चाहिए और एक बड़े अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन वैकल्पिर ईंधनों का भविष्य है और बड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिए देश के किसानों को इसके उत्पादन की ओर अब ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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गडकरी ने यह बात 'एग्रोविजन' की ओर से आयोजित एक प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कही। गडकरी इस संगठन के मुख्य संरक्षक भी हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे।
कोयले का विकल्प साबित हो सकती है ग्रीन हाइड्रोजन
यहां नितिन गडकरी ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण बायो-मास, बायो-ऑर्गेनिक वेस्ट और गंदे पानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश में कोयले के आयात का विकल्प साबित हो सकता है।
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देश के किसान 'अन्नदाता' के साथ 'ऊर्जादाता' भी बनेंगे
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि एग्रोविजन की शुरुआत किसानों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए की गई थी। देश के किसान अब केवल 'अन्नदाता' के साथ-साथ 'ऊर्जादाता' भी बनेंगे।
भविष्य का ईंधन है ग्रीन हाइड्रोजन, शुरू करें उत्पादन
उन्होंने कहा, 'स्टील प्लांट, ट्रैक्टर, बस, रेलवे और अन्य उद्योग केवल ग्रीन हाइड्रोजन पर चलेंगे। यही भविष्य है और अब किसानों को एथेनॉल, बायो-एलएनजी के साथ ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन भी शुरू करना चाहिए।'