केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन नेता बताया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में तालिबानी सनक को कुचलने के लिए एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 'इंडिया फोबिया' से पीड़ित लोग 'इस्लामोफोबिया' का सहारा लेकर देश को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। इससे पहले 'मोदी को कोसने वाली ब्रिगेड' 2014 से पीएम और भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता एवं एकता को खंडित और बदनाम करने वाली तालिबानी सनक रखने वालों की साजिश को बेकार करने के लिए एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने सामाजिक समरसता की बात करते हुए कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के अनुयायी पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के साथ रहते हैं।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसी विशेष जाति, समुदाय, क्षेत्र और धर्म के नेता नहीं हैं, वे एक जन नेता हैं। इसी के चलते सभी का समावेशी विकास और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धिता सफल हो रही है।
इससे पहले उन्होंने शनिवार को मुंबई में हज हाउस हज 2022 के लिए 'खादिम उल हुज्जाज' के दो-दिवसीय प्रशिक्षण कैंप का उद्घाटन किया। इस दौरान हज कमेटी ऑफ इंडिया की वाईस-चेयरमैन मुनव्वरी बेगम और माफुजा खातून और सीईओ याकूब शेख के अलावा अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण कैंप के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने बताया कि लोगों की सेहत, सुरक्षा, सलामती को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण सुधारों के साथ हज 2022 हो रहा है। हज 2022 की संपूर्ण प्रक्रिया, भारत एवं सऊदी अरब सरकारों द्वारा तय किये गए पात्रता, आयु, स्वास्थ्य मानदंडों एवं अन्य जरुरी दिशानिर्देशों के अनुसार की गई है।
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि दो वर्षों के बाद भारतीय मुसलमानों की बिना किसी सब्सिडी के हो रही हज यात्रा पर किसी भी तरह का गैर-जरुरी आर्थिक बोझ ना पड़े। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में आवास, ट्रांसपोर्टेशन आदि को सस्ते दरों में लेने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि देश भर में 10 इम्बार्केशन पॉइंट्स से भारत से 79,237 मुसलमान हज 2022 के लिए जायेंगें। इनमें लगभग 50 % महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से बिना 'मेहरम' (पुरुष रिश्तेदार) के 1800 से अधिक मुस्लिम महिलाएं हज 2022 पर जाएंगी।