केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले छह सालों के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी काम किया है। केंद्र सरकार के इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि देश में कोरोना महामारी के संक्रमण को बड़े स्तर पर फैलने से रोकने में सफलता मिली।
महामारी के दौरान जनता और सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत इच्छाशक्ति का नतीजा है कि आज भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) द्वारा नई दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल को दी गई ‘मोबाइल क्लीनिक’ को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर नकवी ने यह बातें कही।
उन्होंने कहा, एन-95 मास्क, पीपीई किट, वेंटीलेटर एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर भी बना और दूसरे देशों की भी मदद की। कोरोना काल में लोगों की जीवनचर्या, कार्य संस्कृति में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। जो अब समाज के प्रति सेवा और अपनी जिम्मेदारियों के लिए अधिक प्रतिबद्ध हैं।
उन्होेंने कहा कि महामारी संकट भारतीयों के लिए देखभाल, प्रतिबद्धता और विश्वास की सकारात्मक अवधि साबित हुई है, जिसने पूरी मानवता के लिए एक मिसाल कायम की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार के काम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, कोरोना महामारी की शुरुआत के समय हमारे देश में सिर्फ एक टेस्टिंग लैब थी, आज 1400 लैब का नेटवर्क है। पहले जहां एक दिन में सिर्फ 300 टेस्ट हो पाते थे, आज हर दिन 7 लाख से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं।
नकवी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय को स्वास्थ्य पहचानपत्र देने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन शुरू किया गया है जो कि स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लेकर आएगा। किसी भी व्यक्ति की हर बीमारी के सभी चिकित्सीय परीक्षणों का विवरण, किस डॉक्टर ने दिया, क्या दवाएं, रिपोर्ट और ऐसी सभी जानकारी एक स्वास्थ्य आईडी में होंगी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण की गारंटी बन गई है और इसमें देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत करने में सरकार लगातार काम कर रही हैं। इसके तहत 22 नए एम्स खुलने और 157 नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो रहा है।