पिछले हफ्ते गुजरात के कई राज्यों में चक्रवात बिपरजॉय ने खूब कोहराम बचाया। गुजरात के कच्छ के इलाकों तो भूस्खलन की सूचना है। साथ ही पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए और घरों को नुकसान पहुंचा है। वहीं अब चक्रवात बिपरजॉय से निपटने को लेकर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने केंद्र सरकार की तारीफ की है।
आश्रय गृहों में आवश्यक सुविधाएं ठीक
उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक लोगों को चक्रवात से प्रभावित इलाकों से निकालकर आश्रय गृहों में सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। गिर हुए पेड़ों को सड़कों से हटवाया जा रहा है और आश्रय गृहों में बच्चों के लिए झूलों सहित अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। मंडाविया ने कहा कि मोदी सरकार का चक्रवात बिपरजॉय से निपटने का तरीका दुनिया के लिए अब तक का सबसे अच्छा आपदा प्रबंधन मॉडल बन गया है।
राजस्थान सरकार पर किया कटाक्ष
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुजरात में बड़े पैमाने पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और भूस्खलन से बचने के लिए अन्य राहत उपायों की निगरानी की। साथ ही उन्होंने राजस्थान में की गई व्यवस्थाओं पर भी स्पष्ट रूप से कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि चक्रवात कुछ समय बाद कमजोर हो जाता है, लेकिन फिर भी, गुजरात और पाकिस्तान के बाद, जब चक्रवात राजस्थान पहुंचा, तो वहां कई लोगों की मौत हो गई। हमें गुजरात सरकार के प्रयासों की सराहना करनी चाहिए। बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री में।
उन्होंने कहा कि जब भी दुनिया में कहीं भी कोई चक्रवात या बवंडर आता है, तो आम तौर पर यह बहुत छोटे क्षेत्र को प्रभावित करता है, लेकिन इसे बहाल करने में अभी भी महीनों लग जाते हैं। बिपरजॉय का प्रभाव 200 किमी की सीमा में था और यह कच्छ की तटीय रेखा से 125 किमी प्रति घंटा की गति से टकराया था। लेकिन गुजरात ने इससे काफी अच्छे से निपटा जिसकी सरहाना होनी चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने राज्यों से लोगों को समय पर चेतावनी देने और लू के गंभीर प्रभाव को कम करने के लिए निवारक तैयारी सुनिश्चित करने के साथ जमीनी स्तर पर राज्य कार्य योजनाओं को लागू करने का आग्रह किया।
गर्मी को लेकर राज्यों को किया विशेष आग्रह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने राज्यों से लोगों को समय पर चेतावनी देने और लू के गंभीर प्रभाव को कम करने के लिए निवारक तैयारी सुनिश्चित करने के साथ जमीनी स्तर पर राज्य कार्य योजनाओं को लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों से राज्य के अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए गर्मी और स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण नियमावली विकसित करने का भी आग्रह किया। राज्यों को सलाह दी गई कि वे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें और स्वास्थ्य सुविधाओं को हर स्तर पर ठीक करे।