राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के नए लोगो में हिंदू देवता भगवान धन्वंतरि और 'इंडिया' की जगह 'भारत' को लेकर विवाद के बीच,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भगवान धन्वंतरि भारत के लिए चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रतीक हैं और सभी को अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए।
एनएमसी के लोगो में बदलाव का बचाव करते हुए मनसुख मंडाविया ने संसद में कहा, 'भगवान धन्वंतरि भारत के लिए चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रतीक हैं और एनएमसी के लोगो में केवल तस्वीर को रंगीन किया गया है। भगवान धन्वंतरि की तस्वीर होना न केवल भारत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि गर्व की बात है और देश को अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए।
टीएमसी के शांतनु सेन ने उठाया था मामला
यह मामला सोमवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान टीएमसी के शांतनु सेन ने उठाया था। उन्होंने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पिछले लोगो को बहाल करने की मांग की। हालांकि, लोगो पर विवाद पर एनएमसी ने कहा कि भगवान धन्वंतरि पिछले साल से इसका हिस्सा हैं। अब बस काले और सफेद की जगह कुछ रंग जोड़ दिया गया है।
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान धन्वंतरि भगवान विष्णु के अवतार हैं। इनका पृथ्वी लोक में अवतार समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। त्रयोदशी के दिन धन्वंतरि समुद्र से प्रकट हुए थे इसीलिए दिवाली से दो दिन पहले भगवान धन्वंतरि के अवतार को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने आयुर्वेद का अविष्कार भी इसी दिन किया था।
स्वास्थ्य का देवता मानते हैं डॉक्टर
आयुर्वेद का अभ्यास करने वाले डॉक्टर उन्हें स्वास्थ्य का देवता कहते हैं। उन्होंने ही अमृतमय औषधियों की खोज की थी। इससे पहले, केरल के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी एनएमसी के नए लोगो में हिंदू देवता को चित्रित करने और 'इंडिया' की जगह 'भारत' दिखाने की कड़ी निंदा की थी।
इसके अलावा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एनएमसी लोगो के पुन: डिज़ाइन के लिए केरल के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से नाराजगी जताई। नए लोगो की निंदा करते हुए, आईएमए केरल ने कहा कि वर्तमान लोगो देश की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति और चिकित्सा विज्ञान की शुद्धता का घोर उल्लंघन है, जो किसी भी धर्म या ध्रुवीकरण के किसी भी विचार से ऊपर है। यह विज्ञान है और विज्ञान को छोड़ दिया जाना चाहिए जैसा है, वैसा है।