विदेशी संगठनों के द्वारा भारतीय मीडिया की स्वतंत्रता पर उठाए जा रहे सवाल के बीच आज केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस नेता के सवाल पर एक लिखित जवाब में कहा कि भारत में मीडिया स्वतंत्र और सक्रिय रूप से बिना किसी दबाव के काम कर रहें है, जिसे विदेशी संगठनों से मान्यता की जरूरत नहीं है।
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने बुधवार को लोकसभा में प्रेस की स्तंत्रता को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत में मीडिया स्वतंत्र और सक्रिय रूप से बिना किसी दबाव के काम कर रहें है, जिसे विदेशी संगठनों से मान्यता की जरूरत नहीं है। एल मुरुगन ने कांग्रेस सांसद के सुधाकरन के एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह बात कही, जिन्होंने 2024 में वैश्विक प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की रैंकिंग में गिरावट के बारे में सवाल पूछा था।
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मंत्री ने कहा भारत में सक्रिय मीडिया प्रणाली है, जिसे विदेशी संगठनों से मान्यता की आवश्यकता नहीं है। बता दें कि मुरुगन का यह बयान रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) द्वारा पिछले साल प्रकाशित रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें भारत को पत्रकारों की स्वतंत्रता के मामले में 180 देशों में से 159वां स्थान दिया गया था।
प्रेस की स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा पर भी दिया जवाब
केंद्र सरकार द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भारत में एक मजबूत न्यायिक प्रणाली है जो संविधानिक प्रावधानों को लागू करने में मदद करती है।
इसके साथ ही मंत्री ने यह भी बताया कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए काम करता है और शारीरिक हमलों तथा पत्रकारों पर हमलों से संबंधित शिकायतों का समाधान करता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रेस की स्वतंत्रता केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत एक स्व-नियामक तंत्र के द्वारा सुनिश्चित की जाती है।