विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में पूछा गया कि अब तक बांग्लादेश से भारत वापस लाए गए नागरिकों की संख्या कितनी है? क्या पड़ोसी देश से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए कोई विशेष अभियान शुरू किया गया है? जिसका जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि 18 जुलाई से एक अगस्त 2024 तक 7200 से अधिक भारतीय छात्र बांग्लादेश से भारत लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, बांग्लादेश में 9000 से अधिक छात्रों सहित लगभग 19000 भारतीय नागरिक रहते हैं।
बांग्लादेश में भारतीय छात्र केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा व असम सहित अन्य राज्यों से हैं। कहा कि ढाका में भारतीय उच्चायोग और चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना में सहायक उच्चायोग भारतीय नागरिकों की स्वैच्छिक वापसी में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा, विदेश मंत्रालय भूमि बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर पहुंचने वाले हमारे नागरिकों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। मंत्री ने कहा, स्वेच्छा से बांग्लादेश से चले गए भारतीय नागरिकों की राज्य-वार सूची बांग्लादेश में हमारे मिशन और पोस्ट द्वारा बनाए नहीं रखी जाती है।
पिछले तीन सालों में कनाडाई विश्वविद्यालयों में बढ़ी भारतीय छात्रों की संख्या
एक अलग प्रश्न में, केंद्रीय मंत्री सिंह से पूछा गया कि क्या यह सच है कि कनाडा के साथ तनावपूर्ण संबंधों के कारण हाल के वर्षों में कनाडाई विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। यदि हां, तो पिछले तीन वर्षों के दौरान वहां नामांकित छात्रों का विवरण क्या है? जिसके बाद सिंह ने डाटा साझा कर कहा कि आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनाडाई विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की संख्या पिछले तीन वर्षों में बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में 216360, वर्ष 2022 में 318380 और वर्ष 2023 में 427085 भारतीय छात्र कनाडाई विश्वविद्यालयों में पहुंचे हैं।
एक अलग प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा, नेबरहुड फर्स्ट नीति हमारे पड़ोसी देशों के प्रति हमारे दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करती रहती है। इसके परिणामस्वरूप परिणाम-उन्मुख जुड़ाव, मजबूत विकास साझेदारी, भौतिक, डिजिटल और आर्थिक कनेक्टिविटी के साथ-साथ जीवंत लोगों से लोगों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुए हैं। भारत एक सक्रिय देश है। पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध अपने आधार पर खड़े हैं। सरकार भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर सतर्क नजर रखती है।
श्री दरबार साहिब करतारपुर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों का साझा किया डाटा
सिंह ने पिछले तीन वर्षों में पाकिस्तान में गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर जाने वाले भारत के तीर्थयात्रियों की संख्या पर डाटा साझा कर हमास और इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, भारत ने 7 अक्टूबर 2023 को इस्राइल पर हुए आतंकी हमलों और चल रहे इस्राइल-हमास संघर्ष में नागरिकों की जान के नुकसान की कड़ी निंदा की है। भारत ने गाजा के लोगों के लिए संघर्ष विराम और निरंतर मानवीय सहायता का आह्वान किया है।