केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने सोमवार को केरल के एक सरकारी स्कूल में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा क्रिसमस समारोह को लेकर शिक्षकों को धमकाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य ऐसी घटनाएं फिर से न हों।
नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री कुरियन ने कहा, मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। मैं केरल सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदमों का भी समर्थन किया। मंत्री ने यह भी कहा कि केरल सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है कि उसने राज्य के सरकारी स्कूलों में क्रिसमस का उत्सव मनाने का फैसला लिया है।
कुरियन ने दूसरे धर्मों के उत्सव भी मनाने की अपील की
कुरियन ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को नबिदिनम (मिलाद-उन-नबी) और श्री कृष्ण जयंती जैसे अन्य धर्मों के उत्सव मनाने की व्यवस्था भी सरकारी स्कूलों में करनी चाहिए, ताकि बच्चों में सभी धर्मों के प्रति जागरूकता पैदा हो सके।
सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा संघ परिवार: सतीशन
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने इस घटना की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार के लोग केरल में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सतीशन ने कहा,उत्तर भारत की तरह क्रिसमस समारोह में बाधा डालने की घटना हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांप्रदायिक तुष्टिकरण के कारण भाजपा ऐसे अत्याचार कर रही है। सतीशन ने आरोप लगाया, संघ परिवार के लोग क्रिसमस के समय केरल में ईसाई घरों में जाकर केक देते हैं। लेकिन वे असल में भेड़ की खाल में बाघ हैं।
वीएचपी के तीन कार्यकर्ताओं को किया गया गिरफ्तार
इस घटना में शामिल वीएचपी के कार्यकर्ताओं के. अनिल कुमार, वी. सुशाषन और के. वेलायुधन को चित्तूर पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को पलक्कड़ के नल्लीपिली सरकारी स्कूल में क्रिसमस समारोह को रोकने के आरोप में गिरफ्तार किया। स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों ने क्रिसमस कैरोल (गाने) के लिए बच्चों और शिक्षकों के कपड़ों पर सवाल उठाए और छात्रों के सामने शिक्षकों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया।