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...बड़े बेआबरू होकर अपने ही कूचे से निकले केंद्रीय मंत्री, बिना कुछ कहे लौटना पड़ा

Sun, 29 Jul 2018 04:45 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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Arjun Ram Meghwal
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राजस्थान के बीकानेर में शायद ही केन्द्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को यह उम्मीद रही हो। मंत्री जी वहां राजस्थान सरकार के डिजिफेस्ट कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। मंच पर बैठे भी। वहां मुख्यमंत्री बोली, राजस्थान सरकार के अफसर बोले, इवेंट आयोजन में भागीदार कंपनी बोली, मोहनदास पाई बोले और वसुंधरा पर किताब लिखने वाले लेखक भी बोले, लेकिन अर्जुन राम मेघवाल अपनी बात नहीं रख पाए। बस वह अपने घर और संसदीय क्षेत्र बीकानेर गए, कुछ कहने के लिए गए और बिना कुछ कहने का अवसर पाए लौट आए।

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इस बारे में अर्जुन राम मेघवाल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ भी बोलने से बचते रहे। चुपचाप आयोजन स्थल से निकल गए। बार-बार पूछने पर केवल इतना ही बोले कि शानदार कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम जनता के हित में है। इसमें वह क्या बोलते? लेकिन मेघवाल के चेहरे की भाव भंगिमा कुछ और कह रही थी। परेशानी के लक्षण झलक रहे थे। बीकानेर के एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता के मुताबिक अर्जुन राम मेघवाल से राज्य की मुख्यमंत्री का छत्तीस का आंकड़ा है। 

मेघवाल को केन्द्रीय नेतृत्व राजस्थान भाजपा का अध्यक्ष भी बनान चाहता था, लेकिन मुख्यमंत्री ने बनने नहीं दिया। सूत्र का कहना है कि मेघवाल जमीनी नेता हैं। दु:ख दर्द में जनता के साथ खड़े रहते हैं। कुछ बोलते तो अच्छा लगता।
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इस बारे में राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी। आयोजन में मुख्य किरदार अफसर का कहना है कि वह राजनीतिक मामलों में कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं। 

वहीं सूत्र बताते हैं कि अर्जुन राम मेघवाल काफी तैयारी के साथ आए थे। उनकी योजना केन्द्र सरकार की जनता के लिए शुरू की गई योजना के बारे में जनता को बताना था। उन्हें इसका दु:ख भी साल रहा था कि राज्य में भाजपा की सरकार है। 

केन्द्र में भाजपा की सरकार है, लेकिन राज्य सरकार केन्द्र की किसी योजना को जनता के बीच में बताने में रुचि नहीं रखती। इतना ही नहीं मेघवाल राजस्थान सरकार के एक वरिष्ठ अफसर से इसके लिए अपनी बात कहते देखे गए। 

राज्य सरकार के अफसर को वह बता रहे थे कि यहां की अधिकतर योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार 70 प्रतिशत से अधिक की धनराशि देती है, इसलिए यह तरीका ठीक नहीं है।

दरअसल अर्जुन राम मेघवाल बीकानेर से सांसद हैं। वहां के जमीनी नेता हैं। ड्राइवर रशीद का कहना है कि अर्जुन राम मेघवाल ने वहां अलग पहचान बना रखी है। रशीद के अलावा बीकानेर में नमकीन की आपूर्ति करने वाले जुबैर का कहना है कि वह मुसलमान हैं।

कांग्रेस को वोट देते हैं, लेकिन बीकानेर में चुनाव के दौरान अर्जुन राम मेघवाल को चुनौती दे पाना मुश्किल है। वह अगले लोकसभा का चुनाव जरूर जीतेंगे। जुबैर का कहना है कि बीकानेर हो या दिल्ली अप जब चाहे मेघवाल से मिल सकते हैं।

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