केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और लंबे समय से भाजपा के नेता रहे अनंत कुमार का सोमवार तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वह पिछले कुछ महीनों से फेफड़े के कैंसर से जूझ रहे थे। श्री शंकरा कैंसर फाउंडेशन के न्यासियों के बोर्ड के अध्यक्ष बी आर नागराज ने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद हाल ही में लौटे दक्षिण बेंगलुरू के सांसद ने तड़के दो बजे आखिरी सांस ली। उस वक्त उनकी पत्नी तेजस्विनी और दोनों बेटियां भी वहां मौजूद थीं।
अनंत कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगलूरू जाकर श्रद्धांजलि दी। उ्नहोंने ट्विटर पर लिखा, 'बंगलूरू में मैंने श्री अनंत कुमार जी को श्रद्धांजलि दी। हमने एक उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवक खो दिया जिन्होंने बहुत से लोगों की जिंदगी में सकारात्मक प्रभाव था। उनके परिवार के सदस्यों के साथ भी समय बिताया।'
उनके पार्टी कार्यालय ने एक बयान में बताया कि कुमार का कैंसर और संक्रमण के बाद पैदा हुई जटिलताओं के कारण निधन हुआ। वह पिछले कुछ दिनों से सघन निगरानी कक्ष में कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई ने कहा कि कुमार के पार्थिव शरीर को सोमवार को दिन भर उनके आवास पर रखा जाएगा और उनका अंतिम संस्कार मंगलवार की दोपहर किया जाएगा।
प्रदेश इकाई ने कहा कि चमराजपेट शवदाह गृह में अंतिम संस्कार से पहले उनके शव को भाजपा के प्रदेश कार्यालय और उनके निर्वाचन क्षेत्र में पड़ने वाले नेशनल कॉलेज ग्राउंड में रखा जाएगा। गृह मंत्रालय ने दिल्ली में घोषणा की कि कुमार के सम्मान में सोमवार को पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। कर्नाटक सरकार ने नेता के सम्मान में 14 नवंबर तक तीन दिन का राजकीय शोक और सोमवार को छुट्टी घोषित की।
छह बार के सांसद के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा “केंद्रीय मंत्री एवं अनुभवी सांसद श्री एच.एन.अनंत कुमार के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। यह हमारे देश के सार्वजनिक जीवन को और खासकर कर्नाटक के लोगों के लिए बड़ा नुकसान है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, साथियों एवं असंख्य मित्रों के साथ हैं।”