कच्चे तेल के भाव में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने मूल्यवृद्धि का समर्थन कर विवाद खड़ा कर दिया है। उनके अनुसार सरकार जो टैक्स दे सकते हैं सरकार उनसे जरूर वसूल करेगी।
पेट्रोलियम पदार्थों की तेजी से बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे जाने पर अल्फोंस ने कहा, ‘पेट्रोल कौन खरीदता है? जिनके पास कार और बाइक है, वही खरीद रहे हैं। जाहिर है, वे लोग भूखे नहीं मर रहे हैं।’
पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों को जायज ठहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर यह फैसला किया है क्योंकि इससे सरकार को जो पैसा मिल रहा है उसका इस्तेमाल गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। हम टैक्स इसलिए ले रहे हैं ताकि इस देश के गरीब भी पूरे सम्मान और गरिमा के साथ जिंदगी बसर कर सकें। टैक्स के रूप में जो धन इकट्ठा किया जा रहा है, वह प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों द्वारा जबरन किसी की जेब से नहीं निकाला जा रहा है। यह सोचा-समझा फैसला है।
अल्फोंस ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार ने कभी गरीबों की फिक्र नहीं की। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गरीबों के प्रति समर्पित है।
यूपीए सरकार में मंत्रियों ने जनता का धन लूटा, जबकि एनडीए सरकार सबसे निचली पायदान पर खड़े लोगों के लिए काम कर रही है। उन्हें घर, शौचालय, स्कूल और बिजली की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उनसे टैक्स लिया जा रहा है जो उसे देने की स्थिति में है।