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केंद्रीय मंत्री अजय भट बोले: 1962 इतिहास है, भारत अब अपने दुश्मनों को करारा जवाब देने में सक्षम

Sun, 05 Dec 2021 11:04 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कोलकाता में रविवार को देश के पहले स्वदेशी हाइड्रोग्राफिक सर्वे जहाज का उद्घाटन किया गया। यहां मौजूद रहे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट ने देश की सुरक्षा क्षमताओं को लेकर कहा कि वर्तमान में हम अपने दुश्मन को हर क्षेत्र में जवाब देने में सक्षम हैं। 
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सेवानिवृत्त रियर एडमिरल वीके सक्सेना और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट ने रविवार को कहा कि भारत 1962 की स्थिति से बहुत आगे बढ़ चुका है जब चीन के साथ युद्ध हुआ था। उन्होंने कहा कि आज के समय में हम हर क्षेत्र में दुश्मन को करारा जवाब देने में सक्षम हैं। जमीन, धरती और हवा, देश के हर हिस्से की असरदार तरीके से सुरक्षा की जा रही है। भट ने कहा कि चाहे थल सेना हो, वायु सेना हो या नौसेना हो, सभी हर वक्त अलर्ट रहते हैं और देश की सीमाएं उनके हाथों में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और देश की जनता सदैव उनके साथ खड़ी है। 

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भट ने कोलकाता में रक्षा पीएसयू गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) की ओर से स्वदेश में डिजाइन किए गए हाइड्रोग्राफिर सर्वे जहाज के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। जीआरएसई के सूत्रों ने बताया कि ये सर्वे जहाज बंदरगाहों और हार्बर पहुंच के तटीय और गहरे पानी के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और नौवहन चैनलों और मार्गों का निर्धारण करने में सक्षम हैं। इसके अलावा ये जहाज समुद्री सीमाओं का सर्वेक्षण कर सकते हैं और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए समुद्र संबंधी और भौगोलिक डाटा भी जुटा सकते हैं।

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39 युद्धपोतों और पनडुब्बियों का हो रहा है निर्माण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को पाने के हिस्से के तौर पर सरकार ने एक रक्षा उत्पादन कॉरिडोर का स्थापना करने का योजना बनाई है। इसके जरिए देश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और उत्पादों के स्थानीयकरण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा,  विभिन्न शिपयार्ड में नौसेना के लिए 39 युद्धपोत और पनडुब्बियों का निर्माण जारी है। सर्वे जहाज (विशाल) परियोजना के तहत जीआरएसई की ओर से चार जहाजों का निर्माण किया जाएगा। आज जिसका उद्घाटन हुआ वह ऐसा पहला जहाज था।

इस सर्वे जहाज को भारतीय नौसेना के सबसे पुराने हाइड्रोग्राफिक सर्वे जहाज के नाम पर 'संधायक' काम दिया गया है, जो इस साल जून में 40 साल तक सेवा करने के बाद सेवा से बाहर कर दिया गया था। नया जहाज पहले के मुकाबले काफी बड़ा है और आधुनिक उपकरणों से लैस है। बता दें कि 1962 के युद्ध में विफलता का सामना करने वाली भारतीय सेना का हाल के वर्षों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ कई मौकों पर आमना-सामना हुआ है और भारत ने चीन की हर हरकत का उचित जवाब भी दिया है।
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